अयोध्या। आगामी विधानसभा चुनाव-2022 के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पिछले चार सालों से शांत बैठी प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ‘केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार’ की नीतियों पर सवाल करने शुरू कर दिए हैं। रसोई गैस के सिलेंडर के मूल्य में 25 रूपये की बढ़ोतरी हुई। जिसके बाद, समाजवादी पार्टी, बसपा व कांग्रेस ने सवाल उठाने शुरू कर दिए। लेकिन, इनमें सबसे ज्यादा गौर फरमाने वाली बात अखिलेश यादव की थी। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सिलेंडर के दामों में हुई बढ़ोतरी के बाद मोदी सरकार पर तंज कसा। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि “उज्ज्वला योजना का नाम बदलकर ‘बुझव्वला योजना’ कर देना चाहिए।” साथ ही, उन्होंने कहा कि “रसोई गैस के दाम 25 रुपया और बढ़ाकर भाजपा सरकार ने आम लोगों के घरों के चूल्हे ‘बुझा’ दिये हैं।”
इससे पहले भी अखिलेश यादव ने विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सोने पर भी तंज कसा था। उन्होंने ट्वीट कर लिखा था कि ”ये आरोप निराधार है कि ‘माननीय’ सदन में निद्रा में लीन थे। सच तो ये है कि वो इस चिंतन में लीन थे कि उनके समय में प्रदेश की जो दुर्दशा हुई है और उसके कारण जनता में जो असीमित आक्रोश है, उसका सामना कैसे किया जाए और अगले चुनाव में प्रत्याशी कहाँ से लाये जाएं।”

