ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने सात सूत्रीय मांगों के साथ मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन विधायक को सौंपा

ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने सात सूत्रीय मांगों के साथ मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन विधायक को सौंपा

प्रदेश स्तर की पत्रकार मान्यता समिति एवं विज्ञापन मान्यता समिति में एसोसिएशन के दो प्रतिनिधियों को सदस्य बनाने की जाने की मांग

लखनऊ। पत्रकारों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संगठन के जिला उपाध्यक्ष फुरकान राईन और तहसील अध्यक्ष दिलीप रावत ने बुधवार को दारुल सफा स्थित विधायक निवास में मोहनलालगंज विधायक अमरेश कुमार रावत को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस सात सूत्रीय ज्ञापन में पत्रकारों के हितों की रक्षा और उनकी विभिन्न समस्याओं के निस्तारण की मांग की गई है। प्रतिनिधिमंडल ने विधायक से अनुरोध किया कि इन मांगों पर तत्काल कार्रवाई हो और ज्ञापन मुख्यमंत्री तक शीघ्र पहुंचे।
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा और सक्रिय पत्रकार संगठन है, जिसका पंजीकरण संख्या 1153/86 है। संगठन की शाखाएं प्रदेश के 18 मंडलों, 75 जनपदों और 551 तहसीलों में फैली हुई हैं। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियों में खबरें इकट्ठा करने वाले इन पत्रकारों को सरकारी संस्थानों या अन्य विभागों से कोई विशेष सुविधा नहीं मिल रही। खराब सड़कें, अपर्याप्त संसाधन और असुरक्षित वातावरण के बीच कार्य करने वाले ये पत्रकार आर्थिक रूप से भी कमजोर हैं, जिससे उनका जीवन स्तर लगातार गिरता जा रहा है। संगठन का मानना है कि पत्रकारिता लोकतंत्र का आधार स्तंभ है, लेकिन इनकी उपेक्षा से समग्र पत्रकारिता प्रभावित हो रही है।
ज्ञापन में प्रस्तुत सात प्रमुख मांगें पत्रकारों की वास्तविक पीड़ा को उजागर करती हैं। पहली मांग है तहसील स्तर पर सभी दैनिक समाचार पत्रों के संवाददाताओं को मान्यता प्रदान करने के लिए निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के 19 जून 2008 के पत्र को संशोधित कर नया आदेश जारी किया जाए। दूसरी मांग के तहत पत्रकार हितों की रक्षा हेतु जिला, मंडल और तहसील स्तर पर स्थायी समितियों का गठन किया जाए, जिसमें एसोसिएशन के अध्यक्ष को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया जाए। तीसरी मांग स्वास्थ्य और यात्रा सुविधाओं से जुड़ी है— पत्रकारों को आयुष्मान कार्ड तथा उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
चौथी मांग प्रदेश स्तर की पत्रकार मान्यता समिति एवं विज्ञापन मान्यता समिति में एसोसिएशन के दो प्रतिनिधियों को सदस्य बनाने की है, ताकि पत्रकारों के हितों का सशक्त प्रतिनिधित्व हो सके। पांचवीं मांग लखनऊ के दारुलशफा स्थित एसोसिएशन कार्यालय के लिए निःशुल्क भवन उपलब्ध कराने की है। छठी मांग पत्रकारों की समस्याओं के गहन अध्ययन और समाधान हेतु एक स्वतंत्र ‘ पत्रकार आयोग’ के गठन की है। अंतिम मांग पत्रकारिता दायित्व निर्वहन के दौरान किसी विवाद पर प्राथमिकी दर्ज करने से पूर्व सक्षम राजपत्रित अधिकारी से जांच कराने का प्रावधान लागू करने की है, जो पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
प्रतिनिधिमंडल ने विधायक अमरेश कुमार रावत से विस्तार से चर्चा की और मांगों के औचित्य को रेखांकित किया। विधायक ने इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि वे इन्हें संबंधित विभागों तक पहुंचाएंगे और मुख्यमंत्री स्तर पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

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