चर्चाओं के बीच : राजेश कुमार सिनेमा वाला

चर्चाओं के बीच : राजेश कुमार सिनेमा वाला

कर्म जिनका शस्त्र बन चुका,
उन्हें चाहिए किसी का एहसान नहीं।
त्याग मांगता ये पथ उनसे,
बिना त्याग कोई श्री राम नहीं।।
लक्ष्य साधना है योद्धा को,
बिना विजय अब विश्राम नहीं।
कांटों को भी रौंदते चलते हैं वो,
पुष्पों पर चलना जिनकी पहचान नहीं।।

उपरोक्त पंक्तियां अक्षरशः कंबाइन आर्टिस्ट एसोसिएशन के संस्थापक/अध्यक्ष राजेश कुमार सिनेमावाला पर लागू होती है, जो लगभग 18वर्षों से सिने कामगारों के हित में विकलांग होने के बावजूद संघर्षरत हैं। फिल्मविधा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के कुल 42000 सिने कामगार कंबाइन आर्टिस्ट एसोसिएशन के सदस्य हैं। अपने जन्म के दो वर्ष के बाद ही पोलियो के अटैक के बाद पद विकलांगता के बावजूद बढ़ती उम्र के साथ राजेश कुमार सिनेमावाला, जो पहले राजेश ठक्कर के रूप में जाने जाते थे, अपने हौसले को बुलंद रखा और शारीरिक व आर्थिक कष्ट को झेलते हुए बी कॉम, एल एल बी की पढ़ाई पूरी की, ये चाहते तो जीविकोपार्जन के लिए आरक्षण कोटे के तहत सरकारी नौकरी में जा सकते थे परन्तु फिल्मों के प्रति बचपन से ही रुचि रहने के कारण उन्होंने फिल्म विधा से जुड़े सिने कामगारों के हित में अपना जीवन समर्पित करने का फैसला लिया। प्रतिफल स्वरूप कंबाइन आर्टिस्ट एसोसिएशन सामने आया। आदर्श नगर, (अंधेरी वेस्ट), मुंबई में संचालित इस एसोसिएशन की सचिव रेशमा बाग हैं। इन दिनों नवोदित प्रतिभान को प्रकाश में लाने के उद्देश्य से राजेश कुमार सिनेमावाला प्रोडक्शन के क्षेत्र में कदम रखने जा रहे हैं। इस बात को लेकर इन दिनों वो बॉलीवुड में चर्चा का विषय बन गए हैं। उनकी प्रस्तावित परियोजना/ प्रोडक्शन नंबर-1, राष्ट्र सर्वोपरि और ‘श्रमेव जयते’ जो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई योजना और पहल से जुड़ी है। जन जागरूकता अभियान के तहत खुशी नॉन लिमिटेड सर्विसेज के बैनर तले बनने वाली इस फिल्म के टाइटल की घोषणा वेस्टर्न इंडिया फिल्म प्रोड्यूसर्स एंड टी वी एसोसिएशन के स्वीकृति के बाद कर दी जाएगी। राजेश कुमार सिनेमावाला की इस नवीनतम प्रस्तुति के निर्माण संयोजन का कार्यभार बॉलीवुड के चर्चित फिल्मकार ललित कुमार आर्या के सौंपा गया है।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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