ब्यूरो प्रमुख विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
जौनपुर पंचतत्व फाउंडेशन की संस्थापक वॉटर वुमेन शिप्रा पाठक की माँ गोमती की आध्यात्मिक एवं जन-जागरण माधोटांडा से कैथी वाराणसी तक 960 किमी लंबी पदयात्रा 5 अप्रैल जौनपुर जिले के बलुआ घाट से शुरू होकर गोपीघाट पर पहुंच गई। स्वच्छ गोमती अभियान के सदस्यों ने वॉटर वुमेन का भव्य स्वागत किया। वॉटर वुमेन के पैरों की हालत देख कर महिलायें भावुक हो गईं। वॉटर वुमेन ने माँ गोमती की आरती भी की।
वॉटर वुमेन शिप्रा पाठक ने बुधवार को जौनपुर जिले के बलुआ घाट से पदयात्रा शुरू की। 36 किलोमीटर चल कर वॉटर वुमेन गोपीघाट पर पहुंच गईं। वॉटर वुमेन का गोपीघाट पर स्वच्छ गोमती अभियान के अध्यक्ष गौतम गुप्ता के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने भव्य स्वागत किया।
माँ गोमती के भक्तों के स्वागत से अभिभूत वॉटर वुमेन ने कहा कि सभी लोग माँ गोमती की सेवा कीजिये, उसे बचाने का प्रयास कीजिये, जल को स्वच्छ रखने का प्रयास कीजिये। उन्होंने कहा कि जल और नदियों को बचाने का एक मात्र उपाय पौधारोपण ही है, इसलिये प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिये और वयस्क होने तक पौधों का संरक्षण भी करना चाहिये।
वॉटर वुमेन ने कहा कि नदियाँ सिर्फ जल का स्रोत नहीं हैं। नदियों के किनारे सभ्यताओं ने जन्म लिया है, उनका विकास हुआ है, इसलिये नदियाँ मानव सभ्यता की जननी हैं। नदियों को बचाने से मानव स्भ्व्यता का इतिहास भी संरक्षित रहेगा। वॉटर वुमेन ने कहा कि जिसका इतिहास समाप्त हो जाता है, वो सभ्यता भी नहीं बचती, इसलिये मानव सभ्यता को बचाने के लिये भी नदियों को बचाना होगा और यह कार्य सभी के जागरूक होने से ही संभव है।
वॉटर वुमेन ने सभी को जल शपथ दिलाई एवं पौधारोपण करने का भी संकल्प दिलाया, साथ ही माँ गोमती की आरती की।

