जैविक उत्पादन से ही स्वस्थ भारत की कल्पना की की जा सकती है:प्रीतम सिंह

हरदोई।  “जैविक उत्पादन से ही स्वस्थ भारत की कल्पना की जा सकती है, एटूजेड आर्गेनिक किसान उत्पादक समूह के प्रयास से जैविक प्रमाणिकता से ही किसान का अधिक फायदा हो सकता है – उक्त विचार जैविक प्रमाणीकरण जागरूकता कार्यशाला में प्रीतम सिंह, प्रभारी उप निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य जैविक प्रमाणीकरण विभाग | उन्होंने जैविक कृषि सलाहकारों को संबोधित करते हुए कहा की उत्तर प्रदेश शासन द्वारा वृहद स्तर पे किसानो को जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, उत्तर प्रदेश राज्य जैविक प्रमाणीकरण विभाग किसानो के समूह को जैविक प्रमाणीकरण का कार्य मानको के अनुसार करने पे जैविक फसल उत्पादन प्रमाणित करने का कार्य करती है, जैविक प्रमाणीकरण द्वारा उत्पाद की जैविक पहचान को उपभोक्ताओं एवं बाज़ार में विश्वनीयता मिलती है | गुणवत्ता युक्त सुरक्षित खाद्य उत्पादन और उचित कीमत पे बिक्री से ही समाज का लाभ है |
विनोबा सेवा आश्रम के निदेशक एवं सीएमडी एटूजेड आर्गेनिक मोहित कुमार ने बताया की जैविक खेती कृषि की वह पद्दति है, जिसमे पर्यावरण के प्राकर्तिक संतुलन को कायम रखते हुए भूमि, जल, वायु को प्रदूषित किये बिना दीर्घकालीन व् स्थिर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है, आज अधिक उत्पादन के लाभ में रासायनिक उर्वरक, रसायन उपचारित बीज के द्वारा खेती करके आज सम्पूर्ण समाज को ज़हर परोसने का काम जाने अनजाने किया जा रहा है, सिक्किम, उत्तराखंड, आसाम, झारखण्ड आदि राज्य जैविक खेती को प्राथमिकता दे रहे है, उत्तर प्रदेश में भी अब बहुत बड़े क्षेत्र में जैविक खेती कि तरफ किसानो का रुझान हुआ है | इसी क्रम में एटूजेड आर्गेनिक किसान उत्पादक समूह जल्द ही जैविक प्रमाणीकरण कराने के लिए आवेदन करेगा और साथ ही साथ जैविक उत्पाद देश-प्रदेश की बड़ी मंडियों में जैविक उत्पाद का सही मूल्य प्राप्त कर अपने एफपीओ के सभी सदस्यों को आर्थिक लाभ दिलाएगा | एटूजेड आर्गेनिक किसान उत्पादक समूह के जैविक कृषि सलाहकार इस जागरूकता कार्यशाला से प्रमाणीकरण की जानकारी प्राप्त कर जागरूक जैविक कृषि किसानो को प्रक्रिया के विषय में बताएँगे जिससे किसानो को उत्तर प्रदेश राज्य जैविक प्रमाणीकरण विभाग का लाभ प्राप्त हो |
उक्त कार्यशाला में उत्तर प्रदेश राज्य जैविक प्रमाणीकरण विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक श्री ए.के.सिंह, एवं श्रीपाल ने बताया की जैविक क्रियायों द्वारा पौधे फसले अपने पोषक तत्वों को प्राप्त करते है, परन्तु रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से जैविक क्रियाये बाधित हो जाती है जिससे सूक्ष्म तत्वों की मृदा में कमी हो जाती है. जैविक कृषि सलाहकारों को जैविक प्रमाणीकरण कराने के लाभ, पंजीयन हेतु अनिवार्य आवश्यकताये, जैविक प्रमाणीकरण प्रक्रिया, शुल्क राष्ट्रीय जैविक उत्पाद मानको का अनुपालन सुनिश्चित होने पर संस्था द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जाता है |
उक्त कार्यशाला में एटूजेड आर्गेनिक के निदेशक विशाल वार्ष्णेय एवं राहुल देव मिश्रा, विव्भिन क्षेत्रों से आये जैविक कृषि सलाहकार मोहम्मद अशरफ हरदेव गुप्ता, नोनी राम, सरवन सिंह, मोहम्मद कासिम, जीशान, राजीव वर्मा, नासीर, अरविन्द, जगन्नाथ, रिजवान, विजय प्रताप, रजत सिंह, शिवम्, प्रतुल सिंह, राकेश कुमार  आदि उपस्थित रहे | कार्यक्रम का सञ्चालन अजय पाल ने किया |

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