*टीसीआई ने दूसरी तिमाही में 8% की बढ़त के साथ जीता ग्राहकों का भरोसा*
इंदौर रानू वाजपेई
लॉजिस्टिक्स की दुनिया में जब भरोसे की बात आती है, तो ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (टीसीआई) का नाम सबसे आगे आता है। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने फिर साबित किया कि स्थिर रणनीति और मजबूत सेवा नेटवर्क के साथ विकास की रफ्तार कैसे कायम रखी जाती है।
टीसीआई का राजस्व ₹12,174 मिलियन तक पहुँच गया, जो पिछले साल की समान तिमाही से 8% ज्यादा है। एबिट्डा में 7% और करोत्तर लाभ (पीएटी) में 6% की वृद्धि दर्ज की गई।
*कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री विनीत अग्रवाल ने कहा* , “हमें दूसरी तिमाही में स्थिर प्रदर्शन की रिपोर्ट करते हुए खुशी हो रही है, जो ऑटो, एफएमसीजी और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं में मजबूत माँग से प्रेरित है, जो हमारी रणनीति, परिचालन दक्षता और प्रभावी कार्यान्वयन की मजबूती को दर्शाता है। सभी उत्पाद खंडों/डिवीजन्स ने संतोषजनक प्रदर्शन किया है। जीएसटी 2.0 के कार्यान्वयन ने अनुपालन में स्पष्टता और कराधान को सरल बनाया है, जिससे लॉजिस्टिक्स संचालन अधिक सुचारू हुए हैं। बेहतर सामर्थ्य और तेजी से पूर्ति के शुरुआती संकेत पहले से ही दिखाई दे रहे हैं, जिसे प्रमुख उपभोग श्रेणियों में त्यौहारी सीजन की माँग से और बल मिल रहा है। हमने अपने वेयरहाउसिंग नेटवर्क का विस्तार किया है और ऑटोमेशन व स्मार्ट मल्टीमॉडल संपत्तियों में निवेश जारी रखा है। हमारी रेल और तटीय मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स सेवाएँ उच्च क्षमता वाली, पर्यावरण-अनुकूल और कुशल परिवहन प्रणाली प्रदान कर रही हैं।”
स्थिरता के मोर्चे पर भी टीसीआई लगातार आगे बढ़ रहा है, वैकल्पिक ईंधन तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और कचरा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में काम जारी है। साथ ही, टीसीआई-आईआईएम बैंगलोर पहल के तहत विकसित ट्रांसपोर्ट एमिशन मेज़रमेंट टूल (टीईएमटी) को डीपीआईआईटी द्वारा औपचारिक रूप से अपनाया जाना कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
कुल मिलाकर, टीसीआई देश के बदलते लॉजिस्टिक्स सिस्टम में अपनी जिम्मेदार और आधुनिक सेवाओं से नई पहचान बना रहा है।

