नंदिनी लोकमित्र शिविर सुलभा ताई और राजेश्वरी उड़ीसा के भजन के बाद ज्योति दीदी के प्रस्तावना से शुरू हुआ: विमला बहन
वर्धा (अम्बरीष कुमार सक्सेना)
नंदिनी लोकमित्र शिविर के तीसरे दिवस का प्रथम सत्र राजभवन पवनार में सुलभा ताई और राजेश्वरी उड़ीसा के भजन के बाद ज्योति दीदी के प्रस्तावना से शुरू हुआ।सत्र संचालन का दायित्व जमना लाल बजाज पुरुस्कार से सम्मानित विमला बहन को।दिया गया।उन्होंने आज के प्रमुख वक्ता गौतम बजाज का सुंदर परिचय दिया। भाई जी ने कहा कि विनोबा की यात्रा का मैं साक्षी हूं।अदभुत दृश्य रोज देखने को मिलता था। कई बार बाबा मौन ही रहते थे फिर भी संदेश पहुंच जाता था। बाबा जिस प्रदेश में जाते थे वहां का संत साहित्य का अध्ययन अवश्य कर लेते थे।उदाहरण के लिए असम में प्रवेश से पूर्व माधव देव शंकर देव का सब साहित्य पढ़ा। वह अपनी हर छोटी छोटी कृति से हम सबको सिखाते थे। हमारे तो वही विश्व विद्यालय थे । हमने तो।और स्कूल तो देखे नहीं। विष्णुसहस्त्रनाम से पूर्व चले प्रवचन का सभी ने गंभीरता।से।सुना। ऊषा दीदी।शीला।दीदी।नलिनी बहन शीतल बहन मीनाक्षी बहन ज्योत्सना बेन ललिता बहन दया बहन आदि उपस्थित रहीं। श्री सुधीर कुमार गोयल संजय राय जितेंद्र राणा राजेंद्र यादव सुभाष पाटिल राकेश चंद्रा, देवानंद भाई, अशोक हिउरे, अंगुरा बहन थी।

