पीएसी संस्थापना दिवस-2023 के अवसर पर वरिष्ठ अधिकारीगण / सेनानायकों का सम्मेलन
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। पीएसी संस्थापना दिवस-2023 के अवसर पर पीएसी मुख्यालय स्थित संवाद सभागार में पीएसी के जोन, सेक्टर एवं वाहिनियों के अधिकारीगण के साथ सम्मेलन / संवाद गोष्ठी आयोजित की गयी। गोष्ठी के मुख्य । अतिथि श्री विजय कुमार, पुलिस महानिदेशक, उ०प्र० रहे। अपर पुलिस महानिदेशक पीएसी द्वारा पुलिस महानिदेशक उ०प्र० महोदय का स्वागत किया गया।
पुलिस महानिदेशक उ०प्र० द्वारा उक्त अवसर पर सम्मेलन में उपस्थित अधिकारीगणों को बधाई दी गयी तथा सम्मेलन को महत्वपूर्ण बताते हुए भविष्य में भी वरिष्ठ अधिकारियों एवं सेनानायकों के इस प्रकार के सम्मेलन को समय समय पर । आयोजित कराये जाने की अपेक्षा की गयी एवं कहा गया कि इस प्रकार के सम्मेलन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा अपने अनुभव / सुझाव साझा किये जाते है जिससे प्राप्त नवाचारों पर भी मंथन कर पुलिस बल की कार्यशैली को और बेहतर बनाया जा सकता है। इस बात पर भी बल दिया गया कि पीएसी बल जिस जनपद में व्यवस्थापित हो वहाँ की जनपदीय पुलिस से उचित सामंजस्य स्थापित किया जाए ताकि पुलिस एवं पीएसी सामूहिक रूप से प्रदेश की जनता को और बेहतर कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा उपलब्ध करा सके। पीएसी के वरिष्ठ अधिकारियों को पीएसी कर्मियों की व्यवसायिक दक्षता बढाने एवं स्वास्थ्य सुधार हेतु प्रोत्साहित किये जाने पर भी जोर दिया गया।
उक्त कार्यक्रम में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयो पर सेनानायकों द्वारा प्रस्तुतीकरण दिया
गया।
सेनानायक, 45वीं वाहिनी पीएसी अलीगढ श्री अमित कुमार द्वारा “Finding Purpose in Policing” विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। जिसमें जापानी जीवन पद्धति इकिगाई के माध्यम से कार्यक्षेत्र एवं व्यक्तिगत जीवन में उत्साह व प्रतिबद्वता के साथ आगे बढने के बारे में बताया गया उक्त प्रस्तुतीकरण में पुलिस/पीएसी कर्मियों को अपनी ड्यूिटी के साथ-साथ जनता के और अधिक कल्याणकारी कार्यों के प्रति भी रूचि दिखाये जाने पर बल दिया गया ताकि इससे पुलिस और जनता के बीच बेहतर सामंजस्य एवं विश्वास पैदा हो। इस कार्य के सकुशल सम्पादन हेतु पुलिस कर्मियों को। अपने कार्यों को प्रसन्नचित एवं तनाव मुक्त मन से करने की आवश्यकता है एवं इस पद्वति का पालन कर पीएसी के जवान नए विचारों के साथ बेहतर व्यावसायिक दक्षता और अपने ज्ञान में बढोत्तरी कर सकेंगे।
सेनानायक, 15वीं वाहिनी पीएसी आगरा श्री नरेन्द्र कुमार सिंह, द्वारा “बाढ
प्रबंधन हेतु नवाचार, बाधॉए एवं सम्भावनाएँ” विषय पर प्रस्तुतीकरण किया गया। जिसमें बाढ़ से जनता को हो रहे जान/माल के नुकसान को कम से कम करने हेतु आज के दौर में एन०डी०आर०एफ०, एस०डी०आर०एफ० एवं पीएसी की बाढ़ राहत । कम्पनियों द्वारा नये उपकरणों/ तकनीकों के माध्यम से बचाव कार्य किये जा रहे है। । प्राकृतिक एवं अप्राकृतिक बाढ़ आने के कारणों की समीक्षा कर बाढ़ राहत एस०ओ०पी० का पालन करते हुए कार्य किये जाने पर बल दिया गया। जनता के जान-माल के नुकसान को सीमित करने व इस हेतु नई तकनीकें / उपकरणों के प्रयोग के साथ-साथ इस विषय की गहन समीक्षा की भी आवश्यकता के सम्बन्ध में अवगत कराया गया एवं। जो भी राहत व बचाव कार्य किये जायें उनका समुचित प्रचार-प्रसार मीडिया के माध्यम
से किया जाय, ताकि जनता को इस सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त होती रहे।
सेनानायक, 41वीं वाहिनी पीएसी, गाजियाबाद श्रीमती शालिनी, द्वारा “पुलिस कैंटीन हेतु सम्भावित नवाचार” विषय पर प्रस्तुतीकरण किया गया। जिसमें पीएसी/पुलिस कर्मियों के कल्याणार्थ कैंटीन के विकास के लिए बिलिंग काउण्टर को
बेहतर बनाने, कार्पस फण्ड को बढ़ाये जाने, भुगतान हेतु यूपीआई आदि मोबाइल अप्लीकेशन के प्रयोग को बढ़ावा दिये जाने की आवश्यकता बतायी गयी। कैंटीन में टू-व्हीलर एवं फोर व्हीलर वाहनों को बिकी हेतु शामिल करना, उपभोक्ताओं को कैरी बैग्स उपलब्ध कराना, कैंटीन में भीड़ कम करने हेतु जवानों के घर से आनलाइन आर्डर लेकर शापिंग (होम डिलिवरी) की सुविधा प्रदान किये जाने आदि कतिपय महत्वपूर्ण तथ्यों पर बल दिया गया, इससे जवानों को कम मूल्य पर आसानी से रोजमर्रा का सामान उपलब्ध हो सकेगा।
सेनानायक, चतुर्थ वाहिनी पीएसी, प्रयागराज श्री प्रताप गोपन्द्र, द्वारा “Uttar Pradesh Police Encyclopedia” विषय पर दिया गया। जिसमें विशेष रूप से अवगत कराया गया कि पुलिस बल का इतिहास काफी पुराना है। इस सम्बन्ध में इनके अभिलेख 1861 से मिलने प्रारम्भ हो जाते हैं, जिनका डाक्यूमेन्टेशन करना आवश्यक है, जिससे पुलिस बल के इतिहास एवं समय समय पर पुलिस विभाग के विभिन्न पहलुओं में हुए बदलावों की जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सके। वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास के सम्बन्ध में श्री श्रीराम अरूण, पूर्व पुलिस महानिदेशक द्वारा लिखित पुस्तक के अतिरिक्त अन्य कोई महत्वपूर्ण लिखित साहित्य इस विषय पर उपलब्ध नहीं है, इस हेतु । उत्तर प्रदेश पुलिस बल से सम्बन्धित जो भी अभिलेख उपलब्ध हों उनका उचित | डाक्यूमेन्टेशन कराया जाए, जिसमें पुलिस बल की प्रारम्भिक स्थिति से लेकर अब तक हुए बदलाव एवं पुलिस बल को और बेहतर किये जाने वाले आवश्यक तथ्यों का उल्लेख किया जाय। इससे जवानों को अपने बल के गौरवशाली इतिहास के बारे में जानकारी सुगमता से प्राप्त हो सकेगी एवं उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
सेनानायक, 34वीं वाहिनी पीएसी, वाराणसी डा० राजीव नारायण मिश्र, द्वारा “Drone Technology Policy Imperatives” विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। जिसमें मुख्य रूप से अवगत कराया कि डी०जी०सी०ए० द्वारा पाँच प्रकार के ड्रोन की स्वीकृति दी गयी है। वर्तमान में विभिन्न प्रकार के ड्रोन उपयोग में लाये जा रहे है। जिसके माध्यम 05 कि0ग्रा0 से 500 कि०ग्रा० तक के वजन ले जाया जा सकता है। डी०जी०सी०ए० द्वारा ड्रोन उड़ाने के लिए 18 से 65 वर्ष तक की आयु निर्धारित की गयी है। ड्रोन उडाने हेतु योग्यता न्यूनतम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण होना है। पूरे भारतवर्ष में 60 स्कूल है, जो रिमोट पायलट का प्रशिक्षण देते है, इनमें दो उ0प्र0 में है। इसके अतिरिक्त ड्रोन टेक्नालाजी के विषय में अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों भी दी गयी। इससे न केवल पीएसी की क्षमता में वृद्धि होगी बल्कि कानून व्यवस्था बेहतर करने में मदद मिलेगी तथा पीएसी कर्मी भी इस टेक्नालाजी के सम्बन्ध में अपने ज्ञान की वृद्धि कर सकेंगे।
सेनानायक, 38वीं वाहिनी पीएसी, अलीगढ श्री अजय कुमार, द्वारा “स्वास्थ्य सुधार से मनोबल सुधार” विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। जिसमें उनके द्वारा पुलिस/पीएसी कर्मियों के द्वारा अपनी ड्यूिटी के सकुशल सम्पादन हेतु । मानसिक / शारीरिक रूप से स्वस्थ्य रहना नितान्त आवश्यक बताया गया। पीएसी कर्मियों को नियमित रूप से पी०टी०/ परेड एवं शारीरिक श्रम / योगा कराये जाने पर बल दिया । गया। सभी सेनानायकों को अपनी वाहिनी में एवं दलनायकों को व्यवस्थापन पर नियुक्त पीएसी कर्मियों के बेहतर स्वास्थ्य हेतु पी०टी०/ परेड एवं शारीरिक श्रम / योगा कराये जाने का सुझाव दिया गया। उनके द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि उनके द्वारा अपनी वाहिनी में पीएसी कर्मियों एवं उनके परिवारीजनों को आनलाइन एवं एकत्र कर नियमित रूप से स्वास्थ्य सुधार सम्बन्धी गतिविधियों में शामिल किया जाता है, जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ है।सेनानायक 32वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ श्री प्रभाकर चौधरी, द्वारा “पीएसी बल की कार्यक्षमता एवं व्यवसायिक दक्षता में सुधार के उपाय” विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। जिसमें सेनानायक द्वारा अवगत कराया गया कि पीएसी बल को विभिन्न । परिस्थितियों में अपनी ड्यूिटी का सम्पादन करना पड़ता है, जिसमें उसका जनपदीय। पुलिस से सामंजस्य बेहतर किये जाने की आवश्यकता है। निजी अनुभव के आधार पर सुझाव दिया गया कि जनपद पुलिस के किसी राजपत्रित अधिकारी द्वारा पीएसी दल के । कर्मियों को ड्यूिटी से पूर्व समुचित रूप से ब्रीफ किये जाने की आवश्यकता है। इससे पीएसी-पुलिस समन्वय बेहतर होगा व पीएसी जवानों को अपना कर्तव्य पूर्ण मनोयोग से पूरा करने में सहायता मिलेगी।
अपर पुलिस महानिदेशक पीएसी उ०प्र० द्वारा उपरोक्त बिन्दुओं पर कियान्वयन किये जाने का आश्वासन दिया गया।
पुलिस महानिदेशक उ०प्र० द्वारा सम्मेलन में उपस्थित समस्त अधिकारियों को पीएसी संस्थापना दिवस-2023 के सफल आयोजन पर बधाई दी गयी।

