पुलिस महानिदेशक, उ०प्र० द्वारा डा० भीमराव अम्बेडकर जयन्ती के अवसर पर प्रभावी पुलिस प्रबन्ध एवं कानून-व्यवस्था आदि के सम्बन्ध में की गयी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

पुलिस महानिदेशक, उ०प्र० द्वारा डा० भीमराव अम्बेडकर जयन्ती के अवसर पर
प्रभावी पुलिस प्रबन्ध एवं कानून-व्यवस्था आदि के सम्बन्ध में की गयी वीडियो
कॉन्फ्रेंसिंग

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय

लखनऊ।प्रशान्त कुमार पुलिस महानिदेशक, उ०प्र०, अमिताभ यश अपर पुलिस महानिदेशक, कानून-व्यवस्था एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समस्त जोनल अपर पुलिस महानिदेशक / पुलिस आयुक्त/परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक / पुलिस उप महानिरीक्षक / वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक/ जनपद प्रभारी उ०प्र० की रिकूट आरक्षियों के प्रशिक्षण की तैयारियों, डा० भीमराव अम्बेडकर जयन्ती के अवसर पर प्रभावी पुलिस प्रबन्ध एवं कानून-व्यवस्था आदि के सम्बन्ध में वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा गोष्ठी की गयी।

पुलिस महानिदेशक उ०प्र० द्वारा समीक्षा गोष्ठी के दौरान मुख्यतः निम्नाकिंत बिन्दुओं पर दिशा-निर्देश दिये गये।

• समस्त जनपदों को अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण के सम्बन्ध में पुलिस मुख्यालय स्थापना शाखा द्वारा उपलब्ध कराये गये डाटा सम्बन्धी बुकलेट में अंकित टाइमलाइन के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाय।

• उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का नियमानुसार चिकित्सीय परीक्षण एवं चरित्र सत्यापन की कार्यवाही प्रारम्भ की जानी है, जिसके सम्बन्ध में जनपद प्रभारी द्वारा उन्हें समय से सूचित करा दिया जाय।

• चिकित्सा परीक्षण में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का चरित्र सत्यापन तत्काल पूर्ण कराकर जनपद प्रभारी/नोडल अधिकारी द्वारा कार्यवाही प्रारम्भ की जाय तथा यह सुनिश्चित किया जाय कि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। चरित्र सत्यापन का कार्य राजपत्रित अधिकारी के निकट पर्यवेक्षण में टाइम लाइन के अनुरूप पूर्ण किया जाय।

• गोवध/गोतस्करी की रोकथाम हेतु कार्य योजना बनाकर कार्यवाही की जाये तथा गोवध के प्रकरणों में गम्भीरता से विवेचनात्मक कार्यवाही कराते हुये ऐसे प्रकरणों में संगठित गिरोहों का चिन्हांकन कर उनके विरूद्ध नियमानुसार सम्पत्ति जब्तीकरण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।
• लव जिहाद के मामले में नियमानुसार त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।

• अपराध एवं मादक पदार्थो की तस्करी में लिप्त पुलिस कर्मियों के विरूद्ध Exemplary Action लिया जाय।

• लापरवाह एवं अकर्मण्य पुलिस कर्मियों के विरूद्ध मुख्यालय स्तर से कार्यवाही की जायेगी।

• गर्मी के मौसम के दृष्टिगत फायर बिग्रेड की गाड़िया एवं एक्यूपमेन्ट को तैयारी की हालत मे रखा जाये तथा पूर्व में ऐसे स्थान जहाँ पर आग लगने की घटनाये अधिक हुयी है, ऐसे स्थानों का चिन्हाकन कर अस्थायी चौकियों स्थापित की जाय ।

• कानून-व्यवस्था की स्थिति में ड्रोन कैमरा, सीसीटीवी कैमरा, वीडियोंग्राफी का समुचित उपयोग किया जाये।

• जनपदों में पुलिस जन शक्ति का समुचित उपयोग किया जाय तथा उनका संतुलित व्यवस्थापन किया जाय तथा बेसिक पुलिसिंग को मजबूत किया जाये।

• थानों पर बीट सूचना तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाये तथा मिशन मोड में कार्य करें।

महाकुम्भ-2025 के दौरान डिजिटल वारियर्स बनाया गया, जिसके सार्थक परिणाम प्राप्त हो रहे है। इस पर विशेष रूचि लेकर कालेजों, विश्वविद्यालयों आदि में युवाओं का प्रेरित कर अधिक से अधिक उन्हे जोड़ा जाए तथा उनका सकारात्मक सहयोग प्राप्त जाय।

• जनपद के सोशल मीडिया सेल द्वारा विभिन्न प्लेटफार्म (यथा ट्वीटर, फेसबुक, व्हाट्सएप, इन्स्टाग्राम आदि) पर प्रसारित होने वाली अफवाहों तथा आपतिजनक पोस्ट का तत्काल खण्डन करते हुये समुचित विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये तथा मुख्यालय के सोशल मीडिया से निरन्तर समन्वय बनाये रखा जाय।

अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था उ०प्र० द्वारा गोष्ठी के दौरान मुख्यतः निम्नाकिंत बिन्दुओं पर भी दिशा-निर्देश दिये गये :-

• कमिश्नरेट / जनपदों में वक्फ संशोधन बिल के दृष्टिगत आसूचना तंत्र को और अधिक मजबूत कर लिया जाय तथा इस पर पूर्व से नजर रखी जाय।

• दंगा नियंत्रण योजना का पुनः अभ्यास करा लिया जाये और संबंधित उपकरणों का निरीक्षण कर उन्हें तैयारी की हालत में रखा जाये तथा सभी कर्मचारियों की एण्टी राइट इक्यूपमेंट के साथ ड्यूिटी लगायी जाये।

• अपराधिक घटना होने की स्थिति में अच्छी नाकेबन्दी स्कीम तैयार कर लिया जाय।

• प्राकृतिक आपदाओं से निपटने हेतु डिजास्टर मैनेजमेन्ट स्कीम की तैयारी पूर्व से कर ली जाए।

• थानों के अभ्यस्त अपराधियों को चिन्हित कर उनकी नियमानुसार हिस्ट्रीशीट खोलने की कार्यवाही की जाय तथा हिस्ट्रीशीटरों एवं सक्रिय अपराधियों की नियमित निगरानी की जाय।

• थाने के बीट सिस्टम को रिवाइब कर उनका आवंटन किया जाय तथा कर्मचारियों को बीट में भेजकर उनके माध्यम से समन/वारण्ट का तामीला कराया जाये एवं बीट बुक को अपडेट कराते हुए उसकी समय से चेकिंग की जाये।

• ग्राम प्रधानी के छोटे से छोटे विवाद को गम्भीरता से लेते हुए त्वरित निरोधात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाय तथा भूमि विवाद के मामलों में प्रभावी कार्यवाही की जाय।

• आनर किलिंग, लव जिहाद व अवैध धर्मान्तरण के प्रकरणों को अत्यन्त गम्भीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाय।

• पुलिस कर्मियों में अनुशासन को और अधिक दृढ़ करनें हेतु जनपद प्रभारियों द्वारा नियमित परेड व गणना करायी जाय।

• डा० भीमराव अम्बेडकर जयन्ती के दृष्टिगत थाना अभिलेखों में विगत वर्षों की प्रविष्टियों का अध्ययन कर विगत वर्षों में कोई विवाद सामने आया हो तो सम्बन्धित मजिस्ट्रेट से समन्वय स्थापित कर उसका त्वरित निस्तारण कराया जाय।

जुलूस तथा कार्यक्रम के आयोजकों के साथ वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर गोष्ठी कर ली जाय तथा वार्ता करके जुलूस का समय भी निर्धारित कर लिया जाय। जुलूस के मार्गों पर यातायात एवं सुरक्षा के दृष्टिगत यथोचित पुलिस व्यवस्थापन किया जाय।

अपर पुलिस महानिदेशक पीएचक्यू उ०प्र० आनन्द स्वरूप द्वारा गोष्ठी के दौरान बजट के समुचित उपयोग एवं जनपदों में जो निर्माण कार्य प्रचलित है, उनकी समीक्षा करके महत्वपूर्ण निर्देश दिये गये ।

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