
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में मिले शिवलिंग की पूजा के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। शिवलिंग के भोग, आरती और पूजा के लिए उन्होंने कोर्ट में याचिका दाखिल की है। यह प्रकरण भी पूर्व के मामलों के साथ अदालत में सुना जाएगा।
सोमवार को पूर्व महंत जिला अदालत में याचिका दाखिल करने के लिए पहुंचे और ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग की पूजा के लिए कोर्ट में याचिका दाखिल की। उन्होंने दर्शन पूजन भोग के लिए आवेदन दाखिल किया है। इस मामले में पूर्व में ही उन्होंने ज्ञानवापी मस्जिद क्षेत्र को महंत परिवार की संपत्ति होने का दावा किया था।
महंत ने याचिका में कहा है कि प्रार्थी के पूर्वज बाबा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत के रूप में सेवा करते थे। महंत कैलाश पति तिवारी के दिवंगत होने के बाद डॉ. कुलपति तिवारी बाबा की सेवा करने लगे। प्रार्थी के पूर्वजों के अनुसार 1669 से 1700 में इंदौर की रानी अहिल्याबाई होल्कर ने काशी विश्वनाथ मंदिर का पुन: निर्माण कराया।

