ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। सिविल हॉस्पिटल के चीफ फार्मेसिस्ट सुनील यादव ने कहा कि निमेसुलाइड hepato toxic होती है अर्थात लिवर के लिए नुकसानदायक हो सकती है। इसे किसी भी दूसरी ऐसी दवा के साथ नहीं मिलाना चाहिए, जो लिवर के लिए नुकसानदेह हो, पैरासिटामोल भी ज्यादा मात्रा में लेने पर लिवर पर असर डाल सकती है। ऐसे में इन दोनों को एक साथ मिला देने से नुकसान बढ़ सकता है।
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निमेसुलाइड …
स्विट्जरलैंड, स्पेन, संयुक्त राज्य आदि जैसे विभिन्न देशों में 2000 में ही इस दवा पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, जबकि भारत में इसे 2011 में 12 वर्ष से कम उम्र के मरीजों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था और अभी भी भारत में एडल्ट उपयोग के लिए इसकी हेपेटोटॉक्सिसिटी और संभावित ड्रग इंटरैक्शन के बावजूद भी उपलब्ध है।
सलाह
किसी भी दवा की डोज का निर्धारण मरीज के वजन पर निर्भर करता है, अलग-अलग दवाओं को अगर एक साथ फिक्स्ड डोज कांबिनेशन में रखा जाएगा तो दो या दो से अधिक दवाओं के डोज का निर्धारण करना संभव नहीं है इसलिए फिक्स्ड डोज कांबिनेशन की सलाह उचित प्रतीत नहीं होती
अगर बहुत जरूरी नहीं हो तो किसी भी बीमारी के fdc दवा लेने से बचना चाहिए। बेहतर है कि एक ही दवा लें। जरूरत लगे तो दूसरी दवा ले सकते हैं लेकिन एक ही दवा में कई दवाओं को मिलाकर तैयार की गई दवा न लें। ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है।
*अगर FDC में मौजूद किसी एक दवा से मरीज को एलर्जी है तो यह पता ही नहीं चल पाएगा कि किस दवा से एलर्जी है। जिससे सही इलाज नहीं हो पाएगा।
किसी FDC दवा में मौजूद एक दवा को मरीज को दिन में एक बार लेना है, लेकिन उसमें मौजूद दूसरी दवा को दो बार लेना मरीज के लिए ज्यादा फायदेमंद है। तो ऐसे समय में फिक्स्ड डोज कांबिनेशन की दवा उचित नहीं होगी
केंद्र सरकार ने मार्च 2016 में भी 349 एफडीसी दवाओं पर रोक लगा दी थी, लेकिन दवा कंपनियां इस फैसले के खिलाफ कोर्ट चली गई थीं।
2018 में 328 पर रोक लगाई गई ।
*FDC Drugs*
FDC (फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन) में दो या ज्यादा दवाओं को मिलाकर नई दवा तैयार की जाती है।

