प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की संख्या बढ़ाना बेसिक शिक्षा विभाग के लिए बड़ी चुनौती
(राजन तिवारी जिला संवाददाता)
अयोध्या।जनपद के प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की संख्या लगातार घटती जा रही है।बच्चों की घटती संख्या पर बीएसए लाल चन्द्र ने बताया कि पिछले साल 1.55 लाख बच्चों के सापेक्ष 1.46 एडमिशन हुए है संख्या कम होने का कारण आधार से एडमिशन और 6 साल के बाद एडमिशन की अनुमति बन रही।बच्चे 4 साल की उम्र में प्राइवेट स्कूल की तरफ जा रहे। प्राइवेट स्कूलो द्वारा लगातार प्रचार प्रसार किया जाता है।1अध्यापक पर 30 बच्चों का मानक है अध्यापकों को अभिभावको से मिलकर प्रवेश के लिए प्रेरित करने की बात कही जाती है।एकल विद्यालय के सवाल पर उन्होंने कहा कि एकल विद्यालयों में 2 अध्यापक की व्यवस्था की जा रही।
ऑनलाइन उपस्थिति में अध्यापकों की समस्या पर बीएसए लाल चन्द्र जवाब देने से बचते नजर आए और गेंद शासन के पाले में डाल दिए लेकिन वास्तविक समस्या जो अध्यापकों को आती है मात्र 14 सीएल में पूरे साल चलाना और पीएल की सुविधा का न होना एक चुनौती है शिक्षक नेता धर्मवीर सिंह चौहान ने बताया कि 40 किलोमीटर दूर जाना समय से पहुंचना एक महिला अध्यापक के लिए चुनौती होती हैं फिर भी समय से पहुंचते है, महिला अध्यापको को वरीयता दिया जाना चाहिए और घर से 5 किलोमीटर के अंदर के विद्यालय में स्थानांतरण किया जाना चाहिए। शिक्षक नेता उमाकांत मिश्रा ने शासन के आदेश पर प्रश्नचिह्न खड़ा करते हुए कहा कि अध्यापकों की समस्याओं को दूर किए बिना आनलाइन उपस्थिति का लागू करना अव्यावहारिक है। यदि ऑनलाइन उपस्थिति का कोई आदेश जारी होता है तो हम सभी इस आदेश पर सरकार से पुनर्विचार की मांग करेंगे। पहले अध्यापकों को अन्य की तरह पीएल की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ महिला अध्यापक को घर से 5 किलोमीटर और पुरुष को 10 किलोमीटर तक के विद्यालय में स्थानांतरण कर समायोजित किया जाए। शिक्षक नेता प्रभाकर मिश्रा ने कहा आज जनपद में शिक्षकों के स्वयं की शादी के लिए,परिवार की शादी या कोई अन्य कार्य में 14 सी एल एक साथ न मिलना और पीएल न होना बड़ी चुनौती बनती है मजबूरन अध्यापकों को मेडिकल सर्टिफिकेट के बहाने छुट्टी लेनी पड़ती है।

