गोरखपुर में तीसरी आंख (सीसीटीवी कैमरे) की मदद से पुलिस चंद दिनों में ही बदमाशों को जेल के सलाखों के पीछे भेजने में कामयाब हुई है। इतना ही नहीं कैमरों की मदद से केस खुलने के बाद इसे वैज्ञानिक साक्ष्यों के तौर पर भी इस्तेमाल कर रही है। इसका फायदा आरोपियों को सजा दिलाने में मिलेगा। पिछले चार महीनों में गोरखपुर रेंज (गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज) में 316 मामलों के खुलासे में पुलिस को सीसीटीवी कैमरों की मदद से कामयाबी मिली है। जानकारी के मुताबिक, एडीजी अखिल कुमार ने ऑपरेशन त्रिनेत्र की शुरुआत कर जनप्रतिनिधि, व्यापारियों व संभ्रात लोगों की मदद से कैमरे लगवाने की शुरुआत की। इसका असर रहा कि गोरखपुर शहर में 176 जगहों पर कैमरे लग चुके हैं। अब प्रधानों की मदद से गांवों में भी लगाए जा रहे हैं। एडीजी अखिल कुमार ने इस सफलता के बाद एक बार फिर हर घर कैमरे के अभियान में तेजी लाने के लिए पुलिस को निर्देशित किया है।

