ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। डॉ. भरत राज सिंह,
वरिष्ठ पर्यावरणविद व महानिदेशक, स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट साइंसेस, लखनऊ ने बताया कि एनजीआरआई के मुख्य वैज्ञानिक ने जारी की कड़ी चेतावनी, कहा ‘भारतीय प्लेट हर साल 5 सेमी आगे बढ़ रही है, भूकंप की संभावना बढ़ रही है’
हैदराबाद के एक प्रमुख मौसम वैज्ञानिक और भूवैज्ञानिक विशेषज्ञ ने कड़ी चेतावनी दी है कि भारतीय टेक्टोनिक प्लेट हर साल लगभग 5 सेमी आगे बढ़ रही है, जिससे हिमालय व आस पास के क्षेत्रों में साथ खतरा बढ़ रहा है और प्रमुख भूकंपीय घटनाओं अथवा भूकंप आने की संभावना निकट भविष्य में बढ़ रही है।
हैदराबाद स्थित नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनजीआरआई) के मुख्य वैज्ञानिक और भूकंपविज्ञानी डॉ एन पूर्णचंद्र राव ने 21 फरवरी 2023 मीडिया को बताया कि, “पृथ्वी की सतह में विभिन्न प्लेटें शामिल हैं जो लगातार गति में हैं। भारतीय प्लेट 5 सेमी प्रति वर्ष के गति आगे बढ़ रही है जिसके परिणामस्वरूप हिमालय में अधिक दबाव का संचयन होता है और भूकंप के बड़े खतरे की संभावना बढ़ जाती है
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना में भूकंप
तेलुगु राज्यों के कुछ हिस्सों में 3.0 तीव्रता का हल्का भूकंप महसूस किया गया।
मुख्य वैज्ञानिक ने यह भी बताया कि “हमारे पास उत्तराखंड में 18 सिस्मोग्राफ स्टेशनों का एक मजबूत नेटवर्क है। इस क्षेत्र को हिमाचल और नेपाल के पश्चिमी हिस्से के बीच भूकंपीय अंतराल के रूप में संदर्भित किया जाता है, जिसमें उत्तराखंड भी शामिल है।”
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने यह भी बताया कि 20 फरवरी 2023 सोमवार को रात 10.38 बजे धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश से 56 किलोमीटर उत्तर में 3.6 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र पृथ्वी की सतह से 10 किलोमीटर की गहराई में था l
भारत में जल्द भूकंप
डच शोधकर्ता फ्रैंक हूगरबीट्स, जिन्होंने तुर्की और सीरिया में भूकंप की भविष्यवाणी की थी, ने भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बारे में इसी तरह की भविष्यवाणी की थी और “हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से 56 किमी उत्तर में 22 फरवरी 2023 की रात में करीब 10:38 बजे 3.6 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप की गहराई जमीन से 10 किमी नीचे थी।”
19 फरवरी को, नंदीगामा शहर में भी भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 3.6 थी परन्तु इस घटना में किसी के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।
डॉ. भरत राज सिँह, वरिष्ठ पर्यावरणविद व महा निदेशक, स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट साइंसेस, लखनऊ ने बताया:
पूर्व में तुर्की व सीरिया में 6 फरवरी 2023 के आये 7.8 तीव्रता के प्रलयकारी भूकंप जिसमें 90, 000 से अधिक लोगों की जाने अभी तक जा चुकी है और इसके लिए भारत ने बढ़-चढ़कर मानवता को बचाने में अद्वतीय कार्य किया है l
भारत के प्राकृतिक अपदा सुरक्षा सैनिकों की सराहना पूरे विश्व में हो रही है l
हमें अपने देश में, भूकंप से होने वाली अपदा की संभावना को नकारा नहीं जा सकता है l अतः हिमालय के आस-पास के इलाको के लोगों को भूकंप के आने की संभावना तथा सुरक्षा के नियमों के बारे में अधिक से अधिक जानकारी दिया जाना नितांत आवश्यक है l

