गोरखपुर। गोला महात्मा गांधी
राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत जहां सरकार रोजगार देने का काम कर रही है वहीं दूसरी ओर ग्राम प्रधान व सचिव की मनमानी के चलते विकास कार्यों के लिए आए पैसे का सरकारी पैसे का बंदरबांट किया जा रहा है। मनरेगा कार्यों में ग्राम प्रधान व सचिव सहित रोजगार सेवक व तकनीकी सहायक की बड़ी भूमिका सामने आ रहे हैं।
नाम मात्र का काम करा कर तकनीकी सहायक एमबी करते हुए भुगतान कराते हैं। ग्राम प्रधान व सचिव कमीशन खोरी के चलते विकास कार्यों में लीपापोती करते हुए नजर आते हैं ।
ऐसा ही एक मामला सामने आया है गोला विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सिधारी का।
मनरेगा योजना में हो रहा सरकारी पैसों का गबन
जहां पर ग्राम प्रधान व सचिव की मनमानी खूब देखने को मिली हैं । मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में सचिव और रोजगार सेवक सहित तकनीकी सहायक द्वारा सरकारी पैसे का बंदरबांट किया जा रहा है। ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों में जमकर लीपापोती की गई है । मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायत में कराए गए तालाब की खोदाई, संपर्क मार्ग व समतलीकरण के कार्य में घोर धांधली सामने आई है जहां पर सिवान से तरैना तक मिट्टी डालने के काम् में नाम मात्र का काम करा कर सरकारी पैसे का बंदरबांट किए जाने का प्रयास किया गया। संजय सिंह के खेत से रमा शंकर के खेत तक मिट्टी का कार्य दिखा कर प्रधान् सचिव व रोजगार सेवक द्वारा थोड़ा बहुत कार्य करा कर सरकारी धन हड़पने का काम किया गया है। गाव् के लोगो ने ग्राम प्रधान,सचिव व रोजगार सेवक पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधान के खुद के तीन लड़के , स्वतंत्र कुमार, बारबरी कुमार, रामज्नम्, मनरेगा मे नाम है।और हाजिरी लगा पैसा निकाल रहे है।इस ग्रामसभा मे मनरेगा मे ऐसे ही कई लोगों के नाम है जो कहीं नौकरी करते है तो कई बाहर रह कर कमाते है इन सभी कि मनरेगा मे हाजिरी चल रही है। इनके द्वारा नाम मात्र का काम करा कर लाखों रुपए का गबन किया गया है जिसकी जांच कराई जानी आवश्यक है।
सबसे बड़ी सोचने वाली बात यह है कि सरकार जहां मजदूरों को रोजगार देने के लिए जनकल्याणकारी योजना मनरेगा के तहत खेतों के समतलीकरण व तालाबों की खुदाई व नालों की खुदाई व संपर्क मार्ग का कार्य करा रही है जिससे लोगों को रोजगार मिल सके। वहीं सचिव व रोजगार सेवक की मिलीभगत व तकनीकी सहायक की मनमानी के चलते सरकारी पैसे का जमकर बंदरबांट किया जा रहा है ।
आखिर ऐसे लापरवाह सचिव, रोजगार सेवक व तकनीकी सहायक के ऊपर जिला प्रशासन कब शिकंजा कसने का काम करेगा l

