मां के दूध से बढ़ती है बच्चे में प्रतिरोधक क्षमता: सीएमएस

 

जौनपुर । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय अमृत महोत्सव के तहत कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस मौर्य की प्रेरणा से मिशन शक्ति की ओर से विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर जिला अस्पताल में शुक्रवार को एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ तब्बसुम बानो ने कहा कि मां का दूध बच्चे के लिए मात्र दूध नहीं वह अमृत के समान है इससे बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की बीमारी की आशंका नहीं होती। उन्होंने कहा कि स्तनपान कराने से महिलाओं में यूट्रस की समस्या नहीं होती और दूसरा गर्भधारण नहीं सही समय पर होता है। उन्होंने कहा कि जन्म से 1 घंटे बाद बच्चे को स्तनपान कराना जरूरी होता है।
इस अवसर पर डॉ दीपक जायसवाल ने कहा कि स्तनपान से बच्चों को ही नहीं महिलाओं को भी फायदा है उन्हें स्तन कैंसर जैसी बीमारी नहीं होती जो मां स्तनपान नहीं कराती उन्हें दोबारा गर्भधारण करने नहीं समस्या होती है मां का दूध बच्चों को डायरिया जैसी बीमारी से भी बचाता है।
फार्मेसी संस्थान की असिस्टेंट प्रोफेसर ने कहा कि मां के दूध सभी पोषक तत्व होते हैं जैसे प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट। बच्चे को दूध पिलाने से मां को स्तन कैंसर का रिस्क कम होता है। साथ ही बीपी को भी नियंत्रित करता है। कार्यक्रम की संयोजक डॉ जाह्नवी श्रीवास्तव ने कहा कि स्तनपान के लिए महिलाओं को जागरूक होने की जरूरत है इसमें जच्चा और बच्चा दोनों का हित है। इससे मां और बच्चा दोनों में यूनिटी पावर बढ़ती है। संचालन डॉक्टर वनिता सिंह , स्वागत काउंसलर सीमा सिंह और धन्यवाद ज्ञापन प्रियंका कुमारी ने किया।

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