रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून।
पानी गए न ऊबरे मोती मानुष चून।। डॉ ज्ञान प्रकाश यादव (ADM)
विश्व जल दिवस 2025
जौनपुर
विश्व जल दिवस पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय के बच्चों के लिए मेंटरिंग भारत लखनऊ एवं ज्ञानस्थली फाउंडेशन द्वारा प्राथमिक विद्यालय फतेहगंज जौनपुर में किया गया।
इस अवसर पर जानी मानी शिक्षाविद व पर्यावरण प्रहरी से सम्मानित समाजसेवी एवं यूं ट्यूबर ब एंटरप्रेन्योर अलका प्रकाश और अमित परमार द्वारा बताया गया कि 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है।
दिसंबर 1992 में, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने संकल्प A/RES/47/193 को अपनाया जिसके द्वारा प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस घोषित किया गया। 1993 में पहला विश्व जल दिवस मनाया गया
जल है तो ही जीवन है ये बात हमें समझनी होगी l
विश्व जल दिवस का मुख्य उद्देश्य जल के बचाव पर प्रमुख रूप से ध्यान केंद्रित करना और भविष्य की पीढ़ियों के लिए इसे बचाने हेतु प्रेरित करना हैl
बच्चों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि विश्व जल दिवस 2025 का विषय ‘ग्लेशियर संरक्षण’ है। ग्लेशियर जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं – उनका पिघला हुआ पानी पेयजल, कृषि, उद्योग, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र के लिए आवश्यक है।
अमित परमार द्वारा बच्चों को बताए की जल का महत्व अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह जीवन का आधार है। मानव शरीर का 70% हिस्सा जल से बना है, जो हमारे शरीर की सभी जैविक प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक है। जल केवल पीने के लिए ही नहीं, बल्कि कृषि, उद्योग और घरेलू कार्यों के लिए भी जरूरी है। बिना जल के पेड़-पौधे, जानवर और मनुष्य जीवित नहीं रह सकते।
इस अवसर पर, कई गतिविधियाँ और कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमें प्रमुख रूप से मौसम क्विज, निबंध लेखन, पोस्टर निर्माण एवं व्याख्यान माला रहा। उक्त कार्य कार्यक्रम में जय जगत सेवा से अमित परमार, संगीता , मुस्कान, दिशा, भावना, ओम प्रकाश, विनय कुमार आदि द्वारा भाग लिया गया। मेंटरिंग भारत लखनऊ एवं ज्ञानस्थली फाउंडेशन द्वारा विजेता छात्र एवं छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।

