मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना मे बनी अयोध्या की एक पहचान,अब तक 38,304 बेटियों को मिला लाभ
(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ अयोध्या)
अयोध्या।जिले को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है।इस योजना के अंतर्गत अब तक 38,304 बेटियों को लाभ प्रदान किया गया है।योगी सरकार बालिकाओं के शिक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तीकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस कदम से हजारों परिवारों को आर्थिक सहारा मिला है और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को नई मजबूती प्रदान हुई है।मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक प्रमुख कल्याणकारी योजना है।इसकी शुरुआत 25 अक्टूबर 2019 को हुई थी।इसका मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहित करना, कन्या भ्रूण हत्या रोकना, बाल विवाह समाप्त करना, लिंग अनुपात सुधारना तथा बेटियों की शिक्षा और स्वास्थ्य में निवेश करना है। योजना के तहत पात्र परिवारों को बेटी के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक कुल 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि छह चरणों में एकमुश्त दी जाती है, जो बालिका के जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों से जुड़ी होती है।जिला प्रोबेशन अधिकारी अश्वनी तिवारी ने बताया कि जिले में हाल ही में स्वीकृत 10 करोड़ 79 लाख 57 हजार रुपये के अनुदान से 38,304 बेटियों को लाभ मिला है। यह संख्या जिले में योजना की लोकप्रियता और प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाती है। जिले के हजारों परिवार अब बेटियों के भविष्य को लेकर अधिक आशान्वित हैं। शिक्षा के क्षेत्र में यह सहायता स्कूल प्रवेश, टीकाकरण और उच्च शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करती है।आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इच्छुक परिवार आधिकारिक वेबसाइट http://mksy.up.gov.in/ पर जा सकते हैं। जनसेवा केंद्रों या साइबर कैफे से भी आवेदन किया जा सकता है। आवश्यक दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, बैंक खाता विवरण और आधार कार्ड आदि अपलोड करने होते हैं।यह योजना न केवल आर्थिक सहायता है, बल्कि एक सामाजिक क्रांति का माध्यम है। सरकार की यह पहल हजारों परिवारों के चेहरों पर मुस्कान ला रही है और प्रदेश को बालिका सशक्तीकरण में अग्रणी बना रही है।बताया कि परिवार की वार्षिक आय सभी स्रोतों से तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।परिवार में कुल बच्चों की संख्या अधिकतम दो होनी चाहिए ।योजना का लाभ केवल बालिकाओं के लिए है और एक परिवार में अधिकतम दो बेटियां लाभान्वित हो सकती हैं।बेटी का जन्म एक अप्रैल 2019 या उसके बाद होना चाहिए।बताया कि प्रथम श्रेणी मे बालिका के जन्म पर 5,000 रुपये एकमुश्त,द्वितीय श्रेणी मे बालिका के एक वर्ष पूर्ण होने पर सम्पूर्ण टीकाकरण के बाद 2,000 रुपये एकमुश्त,तृतीय श्रेणी मे कक्षा पहली में प्रवेश पर 3,000 रुपये एकमुश्त,चतुर्थ श्रेणी मे कक्षा छठी में प्रवेश पर 3,000 रुपये एकमुश्त,पंचम श्रेणी मे कक्षा नवीं में प्रवेश पर 5,000 रुपये एकमुश्त,छठी श्रेणी मे कक्षा 12वीं उत्तीर्ण कर स्नातक/डिग्री या कम से कम दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश पर 7,000 रुपये एकमुश्त मिलेगी।कुल मिलाकर यह राशि 25,000 रुपये होती है, जो सीधे माता या बालिका के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से पहुंचाई जाती है।

