रंगभरी एकादशी भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक है: विवेकानंद महराज

रंगभरी एकादशी भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक है: विवेकानंद महराज

रंगभरी एकादशी पर जौनपुर में फूलों की होली, मंदिरों में उड़े अबीर-गुलाल

जौनपुर ।यूपी के जौनपुर में शुक्रवार को रंगभरी एकादशी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। विभिन्न मंदिरों में फूलों की होली खेली गई और भक्तों ने अबीर-गुलाल उड़ाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जगह-जगह भजन-कीर्तन और श्रीरामचरितमानस के अखंड पाठ का आयोजन हुआ।
एकादशी के का विशेष आकर्षण शीतला चौकियां धाम रहा जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे। सिद्ध पीठ में पंडा परिवार द्वारा गुलाब और गेंदा के फूलों के साथ रंग-बिरंगे अबीर-गुलाल से होली खेली गई। मंदिर परिसर में ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच भक्तों ने एक-दूसरे को फूल अर्पित कर पर्व की शुभकामनाएं दीं।
धाम के महंत विवेकानंद महाराज ने पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रंगभरी एकादशी भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक है तथा यह होली उत्सव की आधिकारिक शुरुआत मानी जाती है। मंदिर समिति के अध्यक्ष विकास पंडा ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस बार भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
इसके अलावा श्रद्धालु काल भैरव मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन और रंगोत्सव में शामिल हुए। काल भैरव मंदिर के संस्थापक राजू दास महाराज एवं पुजारी परमेश पंडा की उपस्थिति में विशेष आरती संपन्न हुई।
कार्यक्रम में बिक्री पंडा, राजेश पंडा, लड्डू पंडा, सौरभ पंडा, सोनू पंडा, पंकज पंडा, विनय पंडा, मुक्तेश्वर पंडा, रंजीत पंडा, राजा बाबू पंडा सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे। फूलों की वर्षा, भक्ति संगीत और नृत्य के साथ पूरा वातावरण रंगमय और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *