रिपोर्ट-जनार्दन श्रीवास्तव पाली-हरदोई कस्बा पाली के अति प्राचीन माता पंथवारी देवी मंदिर प्रांगण में चल रहे पांच दिवसीय महायज्ञ में पांच दिन से निरंतर बह रहे रामकथा के प्रवाह के विराम की बेला पर सभी राम भक्त और आयोजक भावुक हो उठे। रामकथा के अंतिम दिन अर्थात समापन पर परम श्रद्धेय श्री 1008 श्री प्रणव पुरी जी महाराज ने अपने मुखारबिंद से भगवान श्रीराम के 14 वर्ष बाद अयोध्या वापस लौटने पर गुरु वशिष्ठ ,भ्राता भरत, शत्रुघ्न और उनकी माताओं सहित अयोध्या की प्रजा आदि में खुशी का माहौल चारों ओर मंगल ही मंगल के संकेत व अयोध्या वासियों से जुड़ी अनेक प्रकार की चर्चाओं का वर्णन किया। मंदिर कमेटी व अन्य भक्तों के तत्वावधान में चल रहे रामकथा का शुक्रवार को विश्राम सत्र था। पांच दिवसीय महायज्ञ व रामकथा का भारी संख्या में भक्तों ने लगातार दिन में व शाम को श्रवण लाभ लिया। समापन के दिन बताया गया कि भगवान श्रीराम 14 वर्ष बाद किस प्रकार अयोध्या वापस लौटे,और वर्षों से इंतजार कर रहे अयोध्या वासियों ने किस प्रकार उनका स्वागत किया इसके साथ ही महाराज जी ने भरत के सुचरित्र का संक्षेप में वर्णन किया। रामकथा को सुनकर भक्तगण मंत्रमुग्ध हो गये।श्रीराम कथा के विश्राम दिवस में रामकथा को सुनकर भक्त गण मस्ती में झूमने लगे साथ ही विदाई की बेला पर भक्तजन भावविभोर हो उठे कई भक्तों की आँखे नम हो उठीं। रामकथा समापन में मुख्य यजमान श्री उदयनारायण आचार्य जी महाराज ,उज्जैन नगरी से पधारे परम श्रद्धेय प्रणव पुरी जी महाराज व अन्य डंडी स्वामी जी महाराज मंच पर विराजमान रहे। मंच (व्यास पीठ) पर विराजमान तथा मंच के पास उपस्थित परम श्रद्धेय सभी साधू संतो का मंदिर कमेटी के अध्यक्ष अनमोल बाजपेयी सहित अम्बरीष कुमार भदौरिया व राजीव कुमार मिश्रा ने माल्यार्पण व शाल ओढ़ाकर गुरु दक्षिणा भेंट कर आदर सत्कार किया साथ ही मंदिर कमेटी के अध्यक्ष पत्नी सहित अनमोल बाजपेयी ने श्याममोहन मिश्रा, भाजपा नेता कुलदीप मिश्रा,आदि अन्य भक्तों के साथ कथा मंडप की आरती की।मंच का संचालन बड़ी कुशलता से भाजपा पाली मंडल अध्यक्ष शिवम तिवारी ने किया। व्यासपीठ( मंच) की तरफ़ से सभी के कल्याण की कामना प्रभु श्रीराम से की गई।इसी क्रम में अगले दिन शनिवार को विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया जिसमें हजारों की संख्या में पहुंच कर श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

