रामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

31 जनवरी : रामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय। 🙏

तात तीनि अति प्रबल खल,
काम क्रोध अरु लोभ ।
मुनि बिग्यान धाम मन,
करहिं निमिष महुँ छोभ ।।
( अरण्यकांड, दो. 38क )
जय सियाराम🙏🙏
श्री राम व भैया लक्ष्मण, माता सीता जी को खोजते हुए एक वन से दूसरे वन जा रहें हैं । श्री राम जी कहते हैं कि मानो कामदेव ने वन में डेरा डाल दिया हो। वे भैया लक्ष्मण से कहते हैं कि काम , क्रोध और लोभ ये तीन अति प्रबल खल (दुष्ट) हैं , ये तीनों तत्वज्ञानी मुनियों के मन को भी पल भर में अशांत कर देते हैं ।
बंधुवर ! खलों की संगति मन को अशांति देती है जबकि श्री राम जी की संगति परम शांति देने वाली है और जिसका मन श्री राम संग रमण करता है , उसका ये तीनों खल कुछ भी बिगाड़ नहीं पाते हैं । अतः श्री राम संग करें और अशांत होने से बचें रहें, इसके लिये बस श्री सीताराम नाम का निरन्तर भजन करते रहें । अस्तु…..श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम ।
सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरुण जी लखनऊ

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