30 जनवरी: रामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
धर्म तें बिरति जोग तें ग्याना ।
ग्यान मोच्छप्रद बेद बखाना ।।
जातें बेगि द्रवउँ मैं भाई ।
सो मम भगति भगत सुखदाई ।।
( अरण्यकांड 15/1)
राम राम🙏🙏
श्री राम जी पंचवटी में पर्ण कुटी बनाकर निवास कर रहे हैं । भैया लक्ष्मण ने एकबार उनसे भक्ति , योग, ज्ञान व वैराग्य के बारे में पूछा है। श्री राम जी कहते हैं कि धर्म के आचरण से वैराग्य और योग से ज्ञान होता है । ज्ञान मोक्ष दायक होता है , ऐसा वेद कहते हैं , परंतु हे लक्ष्मण ! जिससे मैं जल्द प्रसन्न होता हूँ, वह मेरी भक्ति है, जो भक्तों को सुख देने वाली है ।
आत्मीय जन ! श्री राम कृपा पानी है तो उनकी भक्ति करें। भक्ति सुखकारी है, सुखदायक है। श्री राम जी सुखनिधान हैं, सुखनिधान की शरणागति से भक्ति बढ़ेगी जो आपके जीवन को भी सुखों से भर देगें। अस्तु….श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरुण जी लखनऊ

