अयोध्या।(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ अयोध्या) : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने कहा कि भारत के इतिहास में राम जन्म भूमि का आंदोलन आत्म सम्मान और हक के लिए संघर्ष की प्रेरणा देता है।उन्होने कहा कि जिससे कि आने वाली पीढ़ियों के रक्त में आत्म सम्मान, राष्ट्रीयता और भारतीय संस्कृति के प्रति संचार होगा। देश के प्रति, धर्म के प्रति व मानवीय कर्तव्यों के प्रति समाज में वातावरण भी सृजित होगा।वह सोमवार को अखिल भारतीय महापौर की समापन बैठक को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अयोध्या के गौरवमयी प्राचीन इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि कि इस पुण्य भूमि की महान जनता ने त्याग तपस्या और सेवा से यह शुभ अवसर दिन उपलब्ध कराया है।इसी की बदौलत ऐतिहासिक राम मंदिर का निर्माण तेजी से चल रहा है। मंदिर के निर्माण में पर्यावरण संरक्षण व जल संरक्षण की सर्वोच्च प्राथमिकता रखी गयी है।उन्होने कहा कि प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण में सिर्फ और सिर्फ पत्थरों का ही उपयोग होगा। इसमें किसी भी प्रकार के लोहे का प्रयोग नहीं किया जाएगा। मंदिर निर्माण की अवधारणा में न्यूनतम 1000 वर्ष आयु की मजबूती को आधार मानकर सुयोग्य आर्किटेक्चर इंजीनियरों की सेवाएं भी ली जा रही है।राममंदिर निर्माण में देश के करोड़ों राम भक्तों ने 10 रुपये से लेकर अपनी सामर्थ्य के अनुसार उदारता पूर्वक समर्पण धनराशि प्रदान की है। इतने कम समय में श्रीराम के भक्तों ने योगदान कर विश्व स्तर पर ख्याति प्राप्त की है।वही
कार्यक्रम के शुभारंभ में नगर निगम अयोध्या के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने मुख्य अतिथि सहित सभी मंचासीन अतिथियों को तुलसी का पौधा भेंटकर रामनामी अर्पित कर अयोध्या की गरिमा के अनुकूल सम्मानित किया।अखिल भारतीय महापौर परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन जैन ने दो दिवसीय बैठक में लिए गए निर्णय और आपसी विचार-विमर्श के उपरांत प्रभावी रणनीति के संदर्भ में उद्बोधन करते हुए कहा कि 1974वां संशोधन देश के सभी राज्यों में लागू हो संपूर्ण देश के नगर निगमों में महापौरों का कार्यकाल पांच वर्ष होना चाहिए।जिससे जन आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त समय प्राप्त हो सके। राष्ट्रीय बैठक के समापन समारोह को केंद्रीय महामंत्री उमाशंकर गुप्ता ,बरेली महापौर उमेश गौतम सहित 27 नगर निगमों के महापौर व नगर निगम अयोध्या के पार्षद व कर्मचारी मौजूद रहे।

