राम मंदिर निर्माण के साथ साथ प्रशस्त हो रही पर्यटन विकास की कई योजनाये

अयोध्या।(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ अयोध्या)

राममंदिर निर्माण के साथ ही न सिर्फ रामनगरी का प्राचीन गौरव लौट रहा है बल्कि पर्यटन विकास की संभावनाएं भी प्रशस्त हो रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त 2020 को जब राममंदिर निर्माण की आधारशिला रखी तो इसी दिन ही अयोध्या के नवनिर्माण की भी नींव पड़ गई थी।जैसे-जैसे रमामंदिर निर्माण का काम आगे बढ़ रहा है, उसी के समानांतर अयोध्या को आस्था के साथ-साथ वैश्विक पर्यटन नगरी बनाने के भी प्रयास तेज हो रहे हैं। केंद्र व प्रदेश सरकार रामनगरी को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने की योजनाओं पर गंभीर है। राममंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या को राममय बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है।भाजपा सरकार का यह  प्रयास है कि रामनगरी की पौराणिकता एवं प्राचीनता को अक्षुण्ण रखते हुए अयोध्या को विश्वस्तरीय नगरी के रूप में पहचान दिलाई जाए। इसके लिए सरकार ने विजन डॉक्यूमेंट बनाया गया है। जिसमें रामनगरी के पौराणिक धरोहर को सहेजते हुए पर्यटन की दृष्टि से विकास की योजनाएं बनाई गई हैं।अयोध्या में दिव्य-भव्य राममंदिर निर्माण होते ही बड़ी संख्या में भक्तों एवं देशी-विदेशी पर्यटकों का आगमन भी बढ़ेगा। अनुमान है कि श्रद्धालुओं की संख्या पांच गुना बढ़ जाएगी। इसलिए ऐसा प्रयास है कि अयोध्या धार्मिक केंद्र होने के साथ-साथ वैश्विक पर्यटन का भी केंद्र बने। इसी योजना के फलस्वरूप पर्यटन विकास की करोड़ों की योजना पर काम जारी है।अयोध्या अब पर्यटन के क्षितिज पर भी नया आयाम स्थापित करेगी। आकर्षक व विश्वस्तरीय सड़कें, अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा, श्रीराम एयरपोर्ट, 1200 एकड़ में नव्य अयोध्या, भजन संध्या स्थल, कोरिया पार्क, मल्टीलेवल पार्किंग, सरयू घाटों की भव्यता सहित अन्य कई योजनाएं रामनगरी की गरिमा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में सहायक साबित होंगी।
मदिर मॉडल पर भव्य रेलवे स्टेशन भी अयोध्या की गरिमा बढ़ाएगा। चौदह कोसी एवं पंचकोसी परिक्रमा मार्गों को यात्री सुविधाओं से आच्छादित करने का काम जारी है। इनमें से कई योजनाएं पूरी होने को भी हैं, कुछ नई योजनाएं भी सरकार ला रही हैं जो रामनगरी को उसकी गरिमा के अनुकूल विकसित करने में सहायक होगी।अयोध्या में राममंदिर मॉडल की तरह भव्य रेलवे स्टेशन बनाने का काम जोरों पर चल रहा है। रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य दिसंबर माह तक पूरा हो जाएगा। नए अयोध्या रेलवे स्टेशन पर एक साथ एक लाख श्रद्धालु रुक सकेंगे। रेलवे स्टेशन पर उतरते ही राम जन्मभूमि अयोध्या में प्रवेश करने का अहसास होगा।कुछ इस तरह रेलवे स्टेशन को आकार दिया जा रहा है। स्टेशन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।फुट ओवरब्रिज, एस्केलेटर, लिफ्ट, फुड कोर्ट, एसी रिटायरिंग रूम, आधुनिक सुविधाओं से युक्त मकान आदि सुविधाएं यहां होंगी। नव्य अयोध्या में 251 मीटर प्रभु श्रीराम की प्रतिमा भी रामनगरी के वैश्विक पर्यटन का केंद्र बनेगी।
प्रतिमा निर्माण के लिए अब आवास विकास विभाग जमीन खरीदेगा। सरकार ने प्रतिमा के लिए 100 करोड़ का बजट पहले ही स्वीकृत कर दिया है। राममंदिर निर्माण के साथ-साथ श्रीराम की प्रतिमा भी अयोध्या की धार्मिक आभा में चार चांद लगाने का काम करेगी। प्रतिमा के बेसमेंट में एक भव्य म्यूजियम भी स्थापित होगा। यहां भगवान विष्णु के सभी अवतारों के दर्शन भक्तों को प्राप्त होंगे।
सरयू तट से सटे कोरिया पार्क के विस्तारीकरण का काम लगभग पूरा होने को है। दीपोत्सव में इसका उद्घाटन भी होना है। भारत-कोरिया के गौरवशाली संबंधों का यह पार्क गवाह है। कोरिया पार्क को नए सिरे से भव्यता प्रदान की गई है। महारानी हौ की अयोध्या से कोरिया तक की समुद्री यात्रा को दर्शाने के लिए पार्क में विभिन्न माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा।महाराजा सूरो व रानी हौ की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। पार्क में भारत व कोरिया के वास्तु के भी दर्शन होंगे। यह पार्क वैश्विक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। श्रीरामचंद्र अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए जमीन खरीद की कार्रवाई चल रही है। इसका विकास तीन चरणों में किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए अब तक सरकार द्वारा 600 करोड़ का बजट भी दे चुकी है।इस एयरपोर्ट के निर्माण से अयोध्या से अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बढ़ेगी।भारी  संख्या में विभिन्न देशों से पर्यटकों को अयोध्या पहुंचने में आसानी होगी।रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।एयरपोर्ट विकास के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है।इस संबंध में अयोध्या विधायक वेदप्रकाश गुप्ता कहते हैं कि राममंदिर निर्माण के साथ अयोध्या को विकसित करने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है।
हजारों करोड़ की योजना पर काम चल रहा है तो कुछ नई योजनाएं भी प्रस्तावित हैं। अयोध्या में रेलवे स्टेशन, आधुनिक बस अड्डा, दुनिया की सबसे ऊंची श्रीराम प्रतिमा, रेलवे स्टेशन 2023 तक अयोध्या विश्व फलक पर होगी। जो पर्यटन व धार्मिकता का प्रमुख केंद्र बनेगी। 2023 के अंत तक भव्य मंदिर में रामलला का दर्शन भी भक्तों को प्राप्त होने लगेगा, अयोध्या पूरे विश्व के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।

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