रिपुदमन सिंह मलिक की हत्या के दो आरोपी गिरफ्तार, कनाडा में हुआ था हमला

कनाडा पुलिस ने खालिस्तान समर्थक रहे रिपुदमन सिंह मलिक की हत्या के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर हत्या का आरोप लगाया है। मलिक की 15 जुलाई को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 21 साल के आरोपी टान्नर फॉक्स को एबॉट्सफोर्ड से और न्यू वेस्टमिंस्टर से 23 साल के जोस लोपेज को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। यह जानकारी पुलिस ने बुधवार को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में मीडिया को दी। टोरंटो स्टार अखबार ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के बारे में चुप्पी साध रखी है। सिर्फ इतना कहा कि दोनों को शांतिपूर्वक गिरफ्तार किया गया। रिपुदमन सिंह मलिक और उनके साथी अजायब सिंह बागरी को 1885 में हुए कनिष्क विमान बम धमाके मामले में 2005 में बरी कर दिया गया था। एयर इंडिया के विमान में बमबारी की यह घटना कनाडा के इतिहास और एयरलाइंस के इतिहास के सबसे भयानक आतंकवादी हमलों में से एक है।  मलिक पंजाबी मूल के कनाडाई सिख नेता और कारोबारी थे। उनकी हत्या उस समय हुई थी, जब वे अपनी कार में सवार होकर जा रहे थे। रास्ते में बाइक सवार युवकों ने उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया था। रिपुदमन सिंह कनाडा के एक सफल कारोबारी के साथ-साथ सिख संस्थाओं के प्रतिनिधि भी थे। उन पर एयर इंडिया के विमान को अगवा कर विस्फोट करने का मामला चला था। यह घटना साल 1985 की है। मांट्रियल से नई दिल्ली आ रहे विमान में विस्फोट हो गया था। इस घटना में 329 यात्रियों की मौत हो गई थी। इस मामले में 2005 तक रिपुदमन सिंह कनाडा की जेल में बंद रहे और बाद में उनको बरी किया गया था।

पहले खालिस्तान समर्थक थे
रिपुदमन सिंह पहले खालिस्तान हिमायती थे लेकिन बाद में उनकी विचारधारा बदल गई थी। अंतिम समय तक वह सिख समुदाय के लोगों को अलगावादी नेताओं से दूर रहने के लिए प्रेरित करते थे। रिपुदमन सिंह की हत्या कट्टरपंथियों द्वारा किए जाने की आशंका है। बताया जा रहा है कि वह खालिस्तान की विचारधारा से दूर होकर भारत सरकार के प्रति कनाडा के कट्टरपंथियों में अलख जगा रहे थे। रिपुदमन सिंह मलिक श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छपाई कर चर्चा में आए थे।

पीएम मोदी के कट्टर प्रशंसक थे 
रिपुदमन सिंह मलिक पीएम नरेंद्र मोदी के काफी प्रशंसक थे और उन्होंने पत्र लिखकर मोदी सरकार की ओर से सिख समुदाय के लिए उठाए गए कई अभूतपूर्व सकारात्मक कदमों के लिए ह्रदय से आभार व्यक्त किया था। रिपुदमन सिंह बरी होने के बाद भी काली सूची में थे लेकिन मोदी सरकार ने काली सूची को खत्म किया तो रिपुदमन सिंह 2019 में भारत दौरे पर आए थे।

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