लोहिया संस्थान के नवनियुक्त युवा निदेशक प्रो० (डॉ०) सी० एम० सिंह ने छात्रों के साथ बैडमिंटन खेल क्रीड़ा कर किया छात्रों का उत्साहवर्धन

लोहिया संस्थान के नवनियुक्त युवा निदेशक प्रो० (डॉ०) सी० एम० सिंह ने छात्रों के साथ बैडमिंटन खेल क्रीड़ा कर किया छात्रों का उत्साहवर्धन

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय

लखनऊ। अपने कार्यकाल के अल्प समय में ही, एक माह पूर्ण होने पर, संस्थान के नवनियुक्त युवा निदेशक प्रो० (डॉ०) सी० एम० सिंह ने अपने कार्यकाल का एक माह पूर्ण होने के अवसर पर एमबीबीएस पाठ्यक्रम के छात्र-छात्राओं को संबोधित कर उनके साथ पारस्परिक दो तरफा सीधा संवाद किया।

यह अभूतपूर्व कार्यक्रम सांयकाल 5:00 से 6:15 बजे के बीच संस्थान के एकेडमिक ब्लॉक भवन परिसर में स्थित लेक्चर थिएटर 5 में संकायाध्यक्ष कार्यालय द्वारा आयोजित किया गया। मंच पर निदेशक प्रो० (डॉ०) सी० एम० सिंह के साथ संकायाध्यक्ष प्रो० (डॉ०) प्रद्युम्न सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।
साथ ही में छात्र-छात्राओं संबंधी सभी प्रशासनिक पदाधिकारी एवं फैकल्टी प्रभारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्यतः थे:- प्रो० (डॉ०) ए० पी० जैन, जोकि वर्तमान में संस्थान के मीडिया प्रभारी पीआर अध्यक्ष के साथ-साथ छात्र कल्याण, छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की भी अध्यक्ष हैं, यूजी प्रकोष्ठ की अध्यक्ष प्रो० (डॉ०) विनीता मित्तल व सब-डीन प्रो० (डॉ०) रश्मि कुमारी, छात्राओं के हॉस्टल की चीफ वार्डन प्रो० (डॉ०) नम्रता पुनीत अवस्थी, छात्रों के हॉस्टल के चीफ वार्डन प्रो० (डॉ०) विकास सिंह, छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष प्रो० (डॉ०) पी० के० मौर्य व छात्रवृत्ति नोडल अधिकारी सुमन सिंह एवं संस्थान के अधीक्षण अभियंता यू० सी० सिंह।

लोहिया संस्थान के एमबीबीएस पाठ्यक्रम के अंतर्गत चिकित्सा शिक्षा प्रशिक्षण हासिल कर रहे छात्र छात्राओं की लगभग 1000 की भारी तादाद से संवाद की श्रृंखला में आज यह पहला कार्यक्रम था।
पूरा लेक्चर थियेटर सभागार एमबीबीएस पाठ्यक्रम के सत्र 2022 और 2023 के लगभग 375 छात्र-छात्राओं से खचाखच भरा हुआ था।

प्रो० (डॉ०) प्रद्युम्न सिंह व यूजी प्रकोष्ठ की अध्यक्ष प्रो० (डॉ०) विनीता मित्तल ने कार्यक्रम परिचय देते हुए निदेशक के अभिवादन किया।

परंतु कार्यक्रम का असल प्रारंभ प्रो० (डॉ०) ए० पी० जैन के द्वारा दिए गए नवनियुक्त युवा निदेशक प्रो० (डॉ०) सी० एम० सिंह के प्रेरणादायक जीवनी वृतांत एवं उनके कद का परिचय देने के साथ हुआ।
उन्होंने बताया कि प्रोफेसर सिंह शोध अनुसंधान के क्षेत्र में तो एक नामचीन शख्सियत हैं ही, साथ ही में कोरोना महामारी के दुर्गम काल में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पटना में चिकित्सा अधीक्षक एवं डीन एकेडमिक्स के पद पर कार्यकाल के दौरान, कोविशील्ड कोवैक्सीन जैसी स्वदेशीय-विकसित अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैक्सीनस के फेस-2/ फेस-3 ट्राइलस् के जनक भी प्रोफेसर सिंह ही रहे हैं।

डेढ़ सौ से भी अधिक शोध पत्रों में प्रकाशनों के साथ, जिनमें लैनसेट व नेचर जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति अनुसंधान प्रकाशन शामिल हैं, तथा लगभग 50 करोड़ के एक्स्ट्रा मुरल प्रोजेक्ट्स के मुख्य संचालक संयोजक के रूप में जब छात्र-छात्राओं का अपने ही जैसे प्रोफेसर सिंह के युवा ओजस्वी व्यक्तित्व से साक्षात्कार हुआ तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

जैसे ही निदेशक प्रोफेसर सिंह को मंच पर आमंत्रित किया गया, छात्र-छात्राओं ने खड़े होकर हर्षोल्लास व जोशो-खरोश से उनका खैर मग़दम कर अभिवादन किया।

10 मिनट के अपने संक्षिप्त से प्रेरणादायक उद्बोधन ने छात्र-छात्राओं के समूह को उत्साह एवं विद्युत ऊर्जा से भर दिया।
इसके बाद वह हुआ जो कि छात्र-छात्राओं ने अब से पहले कभी भी नहीं देखा था। निदेशक महोदय ने सीधे माइक की कमान संभाल कर छात्र-छात्राओं से सीधा दो तरफा संवाद किया। हाॅल में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं के प्रतिनिधियों से वहीं पर सबके समक्ष उनकी समस्याओं, उनकी अपेक्षाओं और आगामी भविष्य के लिए संजोए हुए सपनों से रूबरू होकर निदेशक प्रोफेसर सिंह ने स्वयं उन्हें अपनी कलम से लिखकर एक इतिहास रचा।
उन्होंने छात्र-छात्राओं की आवासीय समस्याओं, चिकित्सा शिक्षा पद्धति की नई विकसित तकनीकियों से पठन-पाठन के कार्यक्रम पर, उनके स्वयं संयम एवं समय और निरंतरता के अनुशासन से कक्षाओं और पठन-पाठन कार्य को करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

छात्र-छात्राओं की अच्छे पौष्टिक स्वास्थ्यवर्धक भोजन, आवासीय समस्याओं और उनके लिए आमोद प्रमोद, खेलकूद कीड़ा व उनके सार्वभौमिक विकास के क्षेत्र में संस्थान प्रशासन की प्रतिबद्धता पर उन्हें आश्वस्त किया।

कार्यक्रम का समापन यूजी प्रकोष्ठ की अध्यक्ष प्रो० डॉ० विनीता मित्तल के धन्यवाद के साथ हुआ।अंत में प्रशासनिक भवन प्रांगण के बैडमिंटन कोर्ट में, निदेशक प्रोफेसर डॉक्टर सी० एम० सिंह ने प्रो० (डॉ०) ए० पी० जैन के साथ छात्रों के बीच सम्मिलित होकर उनके साथ बैडमिंटन खेलकीड़ा में सम्मिलित होकर उनका उत्साह वर्धन किया। उससे छात्र एक नवीन ऊर्जा से संचारित होकर प्रफुल्लित होते। सबने एक सुर में सराहा कि संस्थान निदेशक के द्वारा इस प्रकार का जमीनी स्तर से छात्र-छात्राओं से जुड़ने का नजारा उन्होंने प्रथम बार देखा है।

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