वाराणसी छोड़ सर्पदंश की शिकार पुत्री को लेकर पहुंचे खरिहानी: बालिका की गई जान

वाराणसी छोड़ सर्पदंश की शिकार पुत्री को लेकर पहुंचे खरिहानी: बालिका की गई जान

मेंहनगर (आजमगढ़ ) : कहावत है कि दूर के ढोल सुहावने लगते हैं, लेकिन सर्प दंश की शिकार पुत्री के परिवार के साथ ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने वाराणसी ले जाने की सलाह की अनदेखी कर इलाज के लिए खरिहानी स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
मऊ जनपद के कोपागंज स्थित चेलाराम का पूरा (लाड़नपुर )
निवासी असलम की 9 वर्षीय पुत्री साहिबा रविवार को सुबह अपने घर पीछे बच्चों के साथ खेल रही थीं ,दौरान बच्ची के पैर में सर्पदंश लिया उस समय नही जान पाई ,दोपहर में उल्टी दस्त के बाद हालत गंभीर आँख की रोशनी पर असर पड़ा तो सवजन फ़ातिमा हॉस्पिटल मऊ में भर्ती कराया ,हालत में सुधार न होने की दशा में सोमवार को चिकित्सक ने वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल में उपस्थित एक ब्यक्ति ने आजमगढ़ जिले के खरिहानी बाजार ले जाने की सलाह दी। उसके बाद स्वजनों ने वाराणसी ले जाने की बजाय खरिहानी बाजार स्थित आशीर्वाद क्लिनिक में सोमवार को 1,00 बजे भर्ती कराया। सर्पदंश चिकित्सक डा.नरेंद्र पांडेय ने बताया कि विषैले करैत ने डंसा हैं। हालत गंभीर हैं ,इसलिए ठीक होने में दो-तीन दिन का समय लगेगा ,खतरे से बाहर बताया ।

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