विधान मंडल में दिशा सालियान मामले पर हुआ हंगामा
बिपिन गुप्ता/महाराष्ट्र
मुंबई, कई साल पुराने पड़ गए दिवंगत मशहूर फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत की जाँच नए सिरे से करने की सालियान के पिता सतीश सालियान मांग के एक दिन बाद गुरुवार को यह मामला महाराष्ट्र विधानमंडल में खूब गूंजा। विधान परिषद में यह मामला उठने पर जमकर हंगामा हुआ। पहले विपक्ष के नेता अंबादास दानवे (उबाठा ) और मंत्री गिरीश महाजन ( भाजपा ) के बीच नोंकझोक हुई, इसके बाद शिवसेना उबाठा के अनिल परब ने जब संजय राठौड़ को लपेटे में लेने की कोशिश की तो भाजपा सदस्य चित्रा वाघ ने उन पर तीव्र शाब्दिक प्रहार किया । विधानसभा में यह मामला उठने पर दो मंत्रियों की तरफ से तत्कालीन मंत्री को गिरफ्तार करने की मांग की गई। भारी हंगामे के कारण विधान परिषद की कार्यवाही तीन बार और विधानसभा का कामकाज एक बार स्थगित करना पड़ा। वहीं शिवसेना उबाठा नेता और उद्धव ठाकरे के पुत्र आदित्य ठाकरे ने कहा कि दिशा सालियान की आकस्मिक मौत के मामले में उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है और वह न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष पेश करेंगें ।
बुधवार को सतीश सालियान ने जून 2020 में रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई अपनी बेटी की मौत की नए सिरे से जांच कराने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में गुहार लगाई है। उन्होंने उच्च न्यायालय में दायर अपनी याचिका में आदित्य ठाकरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच सीबीआई को सुपुर्द करने का निर्देश देने का निवेदन किया है वहीं आदित्य ठाकरे ने कहा कि दिशा सालियान की आकस्मिक मौत के मामले में उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है और वह अदालत के सामने अपना पक्ष रखेंगे। बुधवार को सतीश सालियान ने जून 2020 में रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई अपनी बेटी की मौत की नए सिरे से जांच कराने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपनी याचिका में उच्च न्यायालय से शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
विधान परिषद में प्वाइंट ऑफ इंफॉर्मेशन के द्वारा शिंदे गुट की विधायक मनीषा कायंदे ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि दिशा सालियान की मौत का रहस्य कब समक्ष आएगा ? इसमें एक बड़ा नेता शामिल है। इस संबंध में जांच के लिए गठित एसआईटी की रिपोर्ट कब आएगी ? इसके बाद भाजपा के गुट नेता प्रवीण दरेकर ने कहा कि इस संबंध में नितेश राणे का बयान सही लगती है । रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए एवं समय आने पर संबंधित वरिष्ठ नेता के विधायक पुत्र के खिलाफ कार्रवाई की जाए। भाजपा की चित्रा वाघ और उमा खापरे ने भी अपनी बात कही । राकांपा शरद पवार के विधायक शशिकांत शिंदे ने इस पर आपत्ति प्रकट करते हुए कहा कि अदालत में जब कोई याचिका दायर की जाती है तो उस पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती, लेकिन क्या सभापति राम शिंदे ने इस प्रथा को दरकिनार कर दिया ? वे सत्ता पक्ष के चार सदस्यों को इस मुद्दे पर बोलने की अनुमति कैसे दे सकते हैं?
इस बीच नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे और मंत्री गिरीश महाजन के बीच मौखिक विवाद शुरू हो गया। सभापति राम शिंदे ने 10 मिनट के लिए कार्यवाही को स्थगित कर दिया। बाद में दानवे ने कहा कि सरकार दिशा सालियान मामले को आगे बढ़ा रही है, लेकिन पूजा चव्हाण मामले को लेकर कोई रूख नहीं अपना रही है। शिवसेना उबाठा सदस्य अनिल परब ने नेता प्रतिपक्ष की भूमिका का समर्थन करते हुए कहा कि आदित्य ठाकरे के विरोध में पिछले पांच साल से अदालत में प्रकरण चल रहा है। इसकी सीबीआई जांच हो चुकी है, एसआईटी जांच हुई, लेकिन पिछले डेढ़ साल से एसआईटी की रिपोर्ट सदन में पेश क्यों नहीं की गई ? परब ने कहा कि जब सीबीआई रिपोर्ट आई तो मनीषा कायंदे ने ट्वीट किया कि अब आरोप लगाने वाले नितेश राणे और नारायण राणे को नाक रगड़ माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मनीषा कायदे आप गिरगिट से भी ज्यादा तेजी से रंग बदलने वाली हो। वे जयकुमार गोरे, संजय राठौड़ का इस्तीफा क्यों नहीं मांगती ? सिर्फ वरिष्ठों को खुश करने के लिए प्वाइंट ऑफ इंफॉर्मेशन के तहत यह मामला उठाया गया। भाजपा विधायक चित्रा वाघ ने अनिल परब को निशाना बनाते हुए कहा कि आप भले ही कानूनी विशेषज्ञ हो, तोता पंडित हो, लेकिन संजय राठौड़ केस में हमारे पास जो सबूत थे, हमने उसी आधार पर लड़ाई लड़ी। आप उस वक्त यहां बैठकर क्या कर रहे थे ? आपकी होशियारी मुझे बाहर कभी नजर नहीं आई, आपके जैसे 56 लोगों को पैरों में बांधकर घूमती हूं। सवाल संजय राठौड़ का है तो तुम्हारे सरदार से पूछों कि उन्हें क्लीन चिट क्यों दी?
विधानसभा में यह मामला भाजपा विधायक अमित साटम ने उठाया। उनका कहना था कि दिसंबर 2022 में एसआईटी का गठन किया गया था, उसकी रिपोर्ट कब सामने आएगी। दिशा सालियान के पिता ने उसके चार मित्रों, एक तत्कालीन मंत्री और तत्कालीन महापौर का नाम लिया है, उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी ? शिंदे गुट के अर्जुन खोतकर ने यह मामला उठाया। मंत्री नितेश राणे और शंभुराज देसाई ने कहा कि पूर्व मंत्री को तत्काल गिरफ्तार करना चाहिए। भाजपा सदस्य सदन में नारेबाजी करने लगे। इसके बाद कामकाज 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया। गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने कहा कि दिशा सालियान के पिता अदालत गए हैं। कोर्ट के मार्गदर्शन के अनुसार कार्रवाई करेंगे और इस मामले में किसी को बचाने का प्रयास नहीं किया जाएगा। इधर शिवसेना (उबाठा) के नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि जून 2020 में दिशा सालियान की आकस्मिक मौत के मामले में उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है और वह अदालत के सामने अपना पक्ष रखेंगे।

