शेफ और एच.सी.एल फाउंडेशन ने लखनऊ में केजीबीवी छात्राओं के लिए गर्ल्स विंटर कैंप लॉन्च किया
सिटी रिपोर्टर प्रत्यूष पाण्डेय
लखनऊ: स्टडी हॉल एजुकेशनल फाउंडेशन द्वारा एच.सी.एल. फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय “गर्ल्स विंटर कैंप” का आज समापन हुआ। यह शिविर दो भागों में लखनऊ के 8 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं के लिए आयोजित किया गया था। यह शिविर बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने, सोचने-समझने की क्षमता विकसित करने और उनके अधिकारों, समानता तथा स्वयं निर्णय लेने की समझ को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में बीएसए विपिन कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, बीकेटी – प्रीति शुक्ला की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रमाण पत्र वितरण समारोह बीएसए विपिन कुमार और एच.सी.एल. उदय कार्यक्रम की लखनऊ हेड, अंजलि द्वारा संपन्न कराया गया, जिससे बालिकाओं का उत्साह और आत्मविश्वास और अधिक बढ़ा। पहले बैच में चिनहट, सरोजिनी नगर, मोहनलालगंज और गोसाईंगंज के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की 40 छात्राओं ने भाग लिया। दूसरे बैच में मलिहाबाद, मॉल, काकोरी और बीकेटी के विद्यालयों की 40 छात्राएं शामिल होंगी। इस कार्यक्रम में शेफ की संस्थापिका डॉ उर्वशी साहनी और एच.सी.एल. टेक के प्रतिनिधियों ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनका मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ाया
छात्राओं से अपने विचार साझा करते हुए बीएसए विपिन कुमार ने कहा, “एक अच्छा इंसान बनना और सकारात्मक सोच रखना आपके जीवन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। विभाग, SHEF और HCL मिलकर आपको ऐसा वातावरण देने का प्रयास कर रहे हैं, जिसमें आपकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे आपको यह सुविधाएँ प्राप्त हो रही हैं। इसलिए अपने जीवन में शिक्षा की डोर हमेशा थामे रखें।”
खंड शिक्षा अधिकारी (बेसिक), प्रीति ने व्यक्तिगत रूप से बच्चों से बातचीत की और शिविर का अवलोकन किया।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, सरोजिनी नगर की कक्षा 8 की छात्रा अदिति ने कहा— “ये तीन दिन मेरे जीवन के सबसे अच्छे दिन रहे। यह समय मैं कभी नहीं भूलूँगी । इस विंटर कैंप में मैंने अपने बारे में बहुत कुछ सीखा, मैंने खुद पर भरोसा करना, अपनी बात बिना डर के कहना और सही और गलत में फर्क समझना। साथ ही, मुझे अपने अधिकारों और समानता के बारे में भी समझ मिली। अब मुझे लगता है कि मैं अपने फैसले खुद ले सकती हूँ और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ सकती हूँ।”
शेफ एच.सी.एल. उदय बाल शिक्षा कार्यक्रम प्रबंधक शिखा सिंह ने कहा, “बच्चियों बहुत ही प्रतिभावान हैं । आवश्यकता केवल ऐसे वातावरण की है, जो उन्हें अपनी क्षमताओं और मजबूत पक्षों को पहचानने व निखारने में सहायता करे, ताकि वे स्वयं निर्णय लेना सीख सकें और अपने जीवन पर बेहतर नियंत्रण रख सकें। इस शिविर के दौरान मैंने उन बच्चों को भी खुलकर अपनी बात रखते हुए देखा, जो शुरुआत में अपनी बात कहने से झिझक रहे थे।
इस पहल के तहत पहले बैच में चिनहट, सरोजिनी नगर, मोहनलालगंज और गोसाईंगंज क्षेत्र से आई 40 बालिकाओं ने भाग लिया। वहीं दूसरे बैच में मलिहाबाद, मॉल, काकोरी और बीकेटी के स्कूलों से 40 बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कैंप के दौरान बाल विवाह, पॉक्सो एक्ट (POCSO) जैसे महत्वपूर्ण और वर्तमान में विभाग के हॉट टॉपिक्स पर सत्र आयोजित किए गए, जिससे बालिकाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारी मिल सके। दिन की शुरुआत स्वागत और पंजीकरण से हुई, इसके बाद परिचय सत्र, समूह गतिविधियाँ, खेल, चर्चा और रचनात्मक गतिविधियाँ कराई गईं। लड़कियों को लैंगिक समानता, जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता के बारे में सरल और रोचक तरीकों से समझाया गया।

