180जुलाई- श्रीरामचरितमानसकी भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
यह कलिकाल मलायतन
मन करि देखु बिचार ।
श्रीरघुनाथ नाम तजि
नाहिन आन अधार ।।
( लंकाकांड , दो. 121)
राम राम 🙏🙏
लंकाकांड की फलश्रुति बताते हुए पूज्यपाद गोस्वामी जी अपने मन से पूछते हैं कि अरे मन ! विचार करके देख, यह कलिकाल पापों का घर है, इसमें श्री रघुनाथ जी के नाम को छोड़कर पापों से बचने के लिए दूसरा कोई आधार नहीं है ।
आत्मीय जनों ! यह कलियुग पापों का घर है, हम सब किसी न किसी तरह से पाप रत हैं, एक श्री राम नाम ही है जो इस पाप घर से हमें बाहर निकाल सकता है, मुक्त कर सकता है । अतः श्री सीताराम नाम अपनाएँ और इस भव सागर से पार हो जाएं तो आइये हम सभी बिना एक पल गंवाए श्री सीताराम नाम का प्रेम पूर्वक भजन करने में लग जाएं….. श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

