श्रीरामचरितमानस की चौपाई व्याख्यान सहित

19 दिसम्बर- श्रीरामचरितमानस,
नमो राघवाय 🙏

एहि महँ रुचिर सप्त सोपाना ।
रघुपति भगति केर पंथाना ।।
अति हरि कृपा जाहि पर होई
पाउँ देइ एहिं मारग सोई ।।
( उत्तरकांड 128/2)
राम राम🙏🙏
भगवान शिव राम कथा पूरी करते हुए पार्वती से कहते हैं कि यह कथा कलियुग के पापों को समाप्त करने वाली व मन को पावन करने वाली है । इस कथा की सात सुंदर सीढ़ियाँ हैं जो राम जी की भक्ति पाने की मार्ग हैं । जिस पर भगवान की अति कृपा होती है वही इस मार्ग पर चल पाता है ।
हम सब राम भक्ति करना व पाना चाहते हैं पर बिना इन सातों सोपान चढ़े अर्थात् शार्टकट मार्ग से राम भक्ति पाना चाहते हैं इसीलिए अभी तक असफल हैं । जिस पर राम जी की अति कृपा होती है वही इन सीढ़ियों अर्थात् इस मार्ग पर चल पाता है , उसके पैर पड़ते हैं । राम जी की कृपा तो राम सुमिरन, सत्संग व परमार्थ से ही मिल सकती है । अस्तु सत्संग, सुमिरन व परहित में लगें । अथ ! जय जय राम, जय जय राम 🚩🚩🚩

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