28 मई – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
रामचरितमानस मुनि भावन ।
बिरचेउ संभु सुहावन पावन ।।
त्रिविध दोष दुख दारिद दावन ।
कलि कुचालि कुलि कलुष नसावन ।।
( बालकांड 34/5)
राम राम 🙏🙏
मानस जी के आरंभ में नाम महिमा का बखान करने के बाद तुलसी बाबा कहते हैं कि यह रामचरितमानस मुनियों का प्रिय है , इस सुहावने व पवित्र मानस जी की रचना भगवान शिव जी ने की है । यह तीनों प्रकार के दोषों , दुखों व दरिद्रता तथा कलियुग की कुचालों सहित सब पापों का नाश करने वाला है ।
भगवान शिव ने राम चरित जगत के कल्याण के लिए रचा है । यह हमारे हर प्रकार के दोष को दूर करता है । कलियुग के तो हर दोषों से यह हमें मुक्ति दिलाता है । अथ ! जय जय राम चरित , जय राम चरित 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

