17 अगस्त- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय
उमा बिभीषनु रावनहि
सम्मुख चितव कि काउ ।
सो अब भिरत काल ज्यों
श्रीरघुबीर प्रभाउ ।।
( लंकाकांड , दो. 94)
राम राम 🙏🙏
लंका युद्ध के दौरान रावण क्रोधित होकर प्रचंड शक्ति छोड़ता है जो विभीषण की ओर चलती है , राम जी ने बिभीषण को पीछे करते हुए उस शक्ति का सामना किया जिससे उन्हें हल्की मूर्छा आई । यह देख कर देवता घबड़ा जाते हैं , बिभीषण गदा ले रावण की ओर दौड़ते हैं । शिव जी पार्वती से कहते हैं कि उमा ! क्या विभीषण कभी रावण की ओर आँख उठाकर देख भी सकते हैं ? लेकिन राम जी के प्रभाव के कारण वे रावण से काल के समान भिड़ रहे हैं ।
राम जी का प्रभाव तो वही जान सकता है जो राम शरण लेता हैं , राम शरण में रहता है , अन्यथा अन्य तो राम जी के प्रभाव के बारे में अनुमान ही लगाते रहते है । राम शरण सबसे बेपरवाह बनाता है । अथ ! राम राम जय राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

