श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

30 जनवरी – श्रीरामचरितमानस,
नमो राघवाय 🙏

देहु भगति रघुपति अति पावनि ।
त्रिबिधि ताप भव दाप नसावनि ।
प्रनत काम सुरधेनु कलपतरु ।
होइ प्रसन्न दीजै प्रभु यह बरु ।।
( उत्तरकांड 34/1)
राम राम 🙏🙏
राज्याभिषेक उपरांत एकबार राम जी भाइयों के साथ नगर के बाहर सुंदर उपवन देखने गये । वहीं पर सनकादिक ऋषि आते हैं , राम जी उनका स्वागत कर आसन देते हैं । सनकादिक ऋषियों ने प्रभु की स्तुति की है और उनसे अविचल प्रेमा भक्ति मागी है । पावन भक्ति जो तीनों प्रकार के तापों व जन्म मृत्यु के कष्ट को दूर करने वाली है ।
पावन भक्ति हमारे जीवन में आने वाले दैहिक, दैविक व भौतिक तीनों प्रकार के कष्टों से हमें बचाती है । हमारा आपका अगला जन्म होगा या नहीं यह तो कोई नहीं बता सकता है परंतु इस जन्म में राम भक्ति मिल जाने पर हमारे हर प्रकार के क्लेश अवश्य दूर हो जाएँगे । अतएव! जय जय राम भगति, जय सियाराम भगति 🚩🚩🚩

संकलन तरूण जी लखनऊ

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