12 दिसंबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
मंत्र जाप मम दृढ बिस्वासा ।
पंचम भजन सो बेद प्रकासा ।।
छठ दम सील बिरति बहु करमा।
निरत निरंतर सज्जन धरमा ।।
( अरण्यकांड, 35/1)
राम राम 🙏🙏सीताजी को खोजते हुए राम जी शबरी जी के आश्रम पहुँचे हैं । शबरी जी को नवधा भक्ति उपदेशित करते हुए राम जी कहते हैं कि ( राम )मंत्र का जाप , मेरे में दृढ़ विश्वास, यह पांचवीं भक्ति है, यह वेदों में प्रसिद्ध है । छठी भक्ति इन्द्रियों का निग्रह, शीलवान होना एवं बहुत से कार्यों से वैराग्य व निरंतर संत पुरुषों के आचरण का अनुकरण करना है ।
जो अटूट विश्वास रखते हुए श्रीराम नाम जपता है वही इन्द्रियों पर नियंत्रण रख पाता है एवं संतों के आचरण का अनुकरण कर पाता है ।अतएव भक्ति पाने के लिए पहले जपें, विश्वास पूर्वक जपें , शेष गुण स्वतः आ जाएँगे । अथ ! जय राम राम , जय राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

