27 दिसंबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
तब हनुमंत कही सब
राम कथा निज नाम ।
सुनत जुगल तन पुलक मन
मगन सुमिरि गुन ग्राम।।
( सुंदरकांड , दो. 6)
राम राम 🙏🙏
सीता जी को खोजते हुए हनुमान जी विभीषण के महल पहुँचे हैं , आपस में परिचय हुआ है । तब हनुमान जी ने सारी रामकथा कहकर उन्हें अपना नाम बताया है । रामकथा सुनते ही दोनों के तन पुलकित हो गये और राम जी के गुणसमूहों का स्मरण करके दोनों के मन आनंद में मग्न हो गये ।
हम सब आनंद चाहते हैं, पर आनंद तो राम जी के गुणों में है , उनके गुणों का सतत स्मरण ही हमें आनंदित कर सकता है । अतः हनुमान व विभीषण की तरह आनंदित होना चाहते हैं तो रामकथा सुने व राम जी के गुणों का स्मरण करें । अथ ! जय रामकथा , जय राम गुणगान 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

