श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

4 जनवरी – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

साधक सिद्ध बिमुक्त उदासी ।
कबि कोबिद कृतग्य संन्यासी ।।
जोगी सूर सुतापस ग्यानी ।
धर्म निरत पंडित बिग्यानी।
तरहिं न बिनु सेए मम स्वामी ।
राम नमामि नमामि नमामी ।।
( उत्तरकांड 123/3-4)
राम राम 🙏🙏
काकभुसुंडि जी के अनुसार
जब साधक , सिद्ध, महात्मा , तपस्वी , ज्ञानी , विज्ञानी आदि बिना राम सेवा के तर नहीं सकते हैं तो हम आप यह क्यू नहीं समझ पा रहें हैं। अस्तु ! सदगति , भव सागर पार पाना चाहते हैं तो राम सेवा करें , राम सेवा में लगें । अथ ! राम राम राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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