श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

20 मार्च – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

अति आनंद उमगि अनुरागा ।
चरन सरोज पखारन लागा ।।
बरषि सुमन सुर सकल सिहाहीं
एहि सम पुन्यपुंज कोउ नाहीं ।।
( अयोध्याकाण्ड 100/4)

राम राम 🙏🙏
वन जाते हुए श्री राम जी गंगा पार करने के लिए गंगा तट पर आते हैं , केवट से नाव मांगते हैं , केवट कहता है कि आपके चरणों की धूल में मनुष्य बनाने की जादू है, अतः आपके पाँव धोने के बाद ही आपको नाव । में बैठाऊँगा । श्री राम जी तैयार हो जाते हैं । वह कठौते में पानी भरकर लाता है व प्रेम से श्री राम चरणों को पखारने लगता है । यह देखकर देवता पुष्प वर्षा करते हैं और सोचते हैं कि इससे बड़ा पुण्यवान कोई नहीं है ।
भगवान की सेवा से बड़ा कोई पुण्य नहीं है , अतः प्रेम व आनंद से युक्त होकर भगवत कार्य में लगें और पुण्यवान बनें , देवता भी आपकी प्रशंसा करेंगे । अथ भजन करें….! श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम ।
सीताराम जय सीताराम। जय सियाराम जय जय सियाराम, जानकीवल्लभ जय सियाराम।
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संकलन तरूण जी लखनऊ

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