6 अप्रैल- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
पाई न केहिं गति पतित पावन,
राम भजि सुनु सठ मना ।
गनिका अजामिल ब्याध गीध,
गजादि खल तारे घना ।।
( उत्तरकांड, छंद 129दो. उपरांत)
राम राम 🙏🙏
श्री राम कथा को पूर्ण करते हुए पूज्य पाद गोस्वामी तुलसी दास जी महाराज अपने मन को कहते हैं कि पतितों को पावन करने वाले श्री राम जी को भजकर भला किसने परमगति नहीं पा ली है । गणिका , अजामिल, व्याध , गीध , गज आदि बहुत से दुष्टों को उन्होंने तार दिया है ।
भक्तों श्री राम भजन का परिणाम सदगति है , यह बात प्रमाणित है । फिर जगत में अपनी दुर्गति क्यूँ सहनी है। अतः श्री राम जी का गुणगान करें और अपने मन को श्री राम नाम भजन में सतत लगाए रखें और भजें ….. श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम। सीताराम जय सीताराम जय सियाराम जय जय सियाराम, जानकीवल्लभ राजाराम। जय राम जय राम जय जय राम ।।
🚩🚩🚩 संकलन तरूण जी लखनऊ

