11 अप्रैल- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
बहु छल बल सुग्रीव कर
हियँ हारा भय मानि ।
मारा बालि राम तब
हृदय माझ सर तानि ।।
( किष्किंधाकांड, दो 8)
राम राम 🙏🙏
श्री राम जी ने दूसरी बार पुष्पों की माला पहनाकर सुग्रीव को बालि से युद्ध करने भेजा है। सुग्रीव ने युद्ध में बहुत छल बल किया परंतु अंत में भय मानकर हार मान ली है , तब श्री राम जी ने बालि के हृदय में बाण मारा है और वह पराजित हुआ है ।
भक्तों जब तक आप छल का बल रखते हैं राम जी का साथ नहीं मिलता है। छल छोड़ते ही श्री राम जी आपके कुशल क्षेम का सारा भार अपने हाथों में ले लेते हैं, आपका कल्याण कर देते हैं। अत: अपने आत्मकल्याण हेतु छल बल छोड़ श्री राम बल का आश्रय करें और श्री राम नाम का भजन निरन्तर करते रहे……..श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम । सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, सीताराम जय सीताराम, जानकीवल्लभ राजाराम जय सियाराम जय जय सियाराम।। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम ।।
🚩🚩🚩 संकलन तरूण जी लखनऊ

