14 अप्रैल- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
रघुबंस भूषन चरित यह,
नर कहहिं सुनहिं जे गावहीं ।
कलि मल मनोमल धोइ बिनु श्रम,
राम धाम सिधावहीं ।।
( उत्तरकांड , छंद 129)
राम राम 🙏🙏
श्री राम कथा पूर्ण करते हुए पूज्य पाद गोस्वामी श्री तुलसीदास जी कहते हैं कि जो मनुष्य रघुवंश के भूषण श्रीराम जी का चरित कहते, सुनते व गाते हैं , वे कलियुग के पाप और मन के मल को धोकर बिना परिश्रम के श्री राम जी के धाम जाते हैं ।
भक्तों, कलियुग के पापों से यदि आप बचना चाहते हैं, अपने मन को निर्मल करना चाहते हैं, श्री राम जी का साहचर्य चाहते हैं तो बस श्री राम जी का गुणगान करें , श्री रामजी का गुणगान सुनें व दूसरों को भी सुनाएँ तथा श्री सीताराम जी का नाम भजन निरन्तर करते रहें…… श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम । सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम । श्री राम जय राम जय जय राम, जानकीवल्लभ राजाराम।
राम राम राम राम राम राम राम, राम राम राम राम राम राम राम ।। संकलन तरूण जी लखनऊ
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