13 मई – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
तब ते मोहि न ब्यापी माया ।
जब ते रघुनायक अपनाया ।।
यह सब गुप्त चरित मैं गावा।
हरि मायाँ जिमि मोहि नचावा ।।
( उत्तरकांड 88/2)
राम राम 🙏🙏
काकभुसुंडि ने अपने मोह की कथा गरुड़ जी को सुनाई है । वे कहते हैं कि राम कृपा से भक्ति का वर मिलने पर मैं अपने आश्रम लौट आया । जब से राम जी मुझे अपना लिया तब से मुझे माया नहीं ब्यापती है । मैंने वह सब आपको बताया जिससे भगवान की माया ने मुझे अनेकों बार परेशान किया था ।
श्री सीताराम जी के भक्तों ! श्री राम जी यदि हमें भी काकभुसुंडि की तरह अपना लें तो माया हमारा भी कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी । इसके लिए काकभुसुंडि जी ने तो सत्संग किया, भगवान की कथा सुनी । हम आप क्या करते हैं, केवल सांसारिक प्रपंचों में अपना सारा समय बिता रहे हैं और उन्हीं में सुख पाना चाहते हैं । अतः श्री राम जी की कृपा पाना चाहते हैं तो श्री सीताराम कथा का सत्संग करें और निरन्तर सीताराम नाम का भजन करते रहे…….. श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम । सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩

