31 मई- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
गुन तुम्हार समुझइ निज दोसा ।
जेहि सब भाँति तुम्हार भरोसा ।।
राम भगत प्रिय लागहिं जेही।
तेहि उर बसहु सहित बैदेही ।।
( अयोध्याकाण्ड 130/2)
राम राम🙏
श्री राम जी के रहने योग्य स्थान बताते हुए बाल्मीकि जी कहते हैं कि जो गुणों को आपका और दोषों को अपना समझता है , जिसे सब प्रकार से आपका भरोसा रहता है, आपके भक्त जिसे प्यारे लगते हैं , उसके हृदय में श्री सीता जी सहित आप वास करें ।
गुणों को प्रभु का और दोषों को अपना व हर प्रकार की परिस्थितियों में श्री राम जी में भरोसा रखना हम जिस दिन से शुरु कर देंगे उसी दिन से श्री सीताराम जी का सामीप्य हमें मिल जाएगी ।अतः श्री सीताराम जी के युगल चरणों में पूर्णतः समर्पित हो जाइए और आनन्दमय जीवन जीने के लिये श्री सीताराम नाम का निरन्तर भजन करते रहिए….
श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

