12 जून – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
बंदउँ नाम राम रघुबर को ।
हेतु कृसानु भानु हिमकर को ।।
बिधि हरि हरमय बेद प्रान सो ।
अगुन अनूपम गुन निधान सो ।।
( बालकांड 18/1)
राम राम 🙏🙏मानस जी के आरंभ में सबकी वंदना करने के बाद तुलसी जी राम नाम की वंदना करते हैं । वे कहते हैं कि मैं राम नाम की वंदना करता हूँ जो अग्नि , सूर्य, व चंद्रमा का हेतु है । यह राम नाम ब्रह्मा, विष्णु व शिवरूप है । यह वेदों का प्राण , निर्गुण, उपमारहित व गुणों का भंडार है ।
आत्मीय जनों ! श्रीराम नाम में पूरा ब्रह्मांड समाया है । श्री राम नाम की वंदना कर आप सभी देवताओं की वंदना कर लेते हैं। यह वेदों का मूल व गुणों का भंडार है तथा दुर्लभ से दुर्लभ सुखों को प्राप्त कर सकते हैं । अतः हम आप भी श्री राम नाम की वंदना कर गुणों के भंडार हो सकते हैं । आइए सतत नाम भजन किया जाए….श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम। सीताराम जय सीताराम, सीताराम जय सीताराम। जय सियाराम जय जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

