श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

31 जुलाई- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

राम भगति मनि उर बस जाकें ।
दुख लवलेस न सपनेहुँ ताकें ।।
चतुर सिरोमनि तेइ जग माहीं
जे मनि लागि सुजतन कराहीं ।।
( उत्तरकांड 119/5)
राम राम🙏🙏
ज्ञान के बारे में बताकर काकभुसुंडि जी गरुड़ जी को भक्ति के बारे में बताते हुए कहते हैं कि श्री राम जी की भक्ति रूपी मणि जिसके ह्रदय में बसती है, उसे स्वप्न में भी लेशमात्र दुख नहीं होता है । संसार में वे ही चतुरों के शिरोमणि हैं जो इस भक्ति मणि पाने के लिए अच्छे से अच्छा प्रयत्न करते हैं ।
आत्मीय जन ! हमें आपको सुख प्रिय है , सुख भक्ति में है, श्री राम भक्ति ही सुख है, इसी को हृदय में बसाने का समग्र प्रयास करें, इसी के लिए अपनी चतुरता दिखाएँ , चतुर शिरोमणि कहलाएँ । अतएव श्री सीताराम जी की भक्ति पाने के लिए सबसे प्रभावी साधन निष्कपट और निष्काम भाव से युगल चरणों का ध्यान लगाते हुए निरन्तर श्री सीताराम नाम का भजन । अथ …. श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जानकीवल्लभ राजाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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