5 सितंबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
कृतजुग त्रेताँ द्वापर
पूजा मख अरु जोग ।
जो गति होइ सो कलि
हरि नाम ते पावहिं लोग ।।
( उत्तरकांड, दो. 102)
राम राम 🙏🙏
काकभुसुंडि जी गरुड़ महाराज को अपने पहले जन्म की कथा सुना रहे हैं , उस समय कलियुग था । कलियुग के अनेक दुर्गुण हैं पर अनेक गुण भी है । सतयुग, त्रेता व द्वापर में पूजा , यज्ञ व योग से भगवत प्राप्ति होती थी, परंतु कलियुग में लोगों को वही प्राप्ति केवल हरिनाम लेकर मिल जाती है ।
श्री सीताराम प्रेमियों !विषयों के वश में होने के कारण हमें केवल कलियुग के दुर्गुण ही दिखाई देते हैं जबकि इस कठिन कलिकाल में हरि नाम हमारा उद्धार कर सकता है। अतः और कुछ करें न करें, बस राम नाम अपनाइए , राम नाम गाइए, श्री सीताराम नाम का ही निरन्तर भजन करिए। अथ…… श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम ।
सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरूण जी लखनऊ

