श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

16 अक्टूबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

जद्यपि प्रभु के नाम अनेका ।
श्रुति कह अधिक एक तें एका ।।
राम सकल नामन्ह तें अधिका ।
होउ नाथ अघ खग बधिका ।
( अरण्यकांड 41/4)
राम राम जी 🙏🙏
श्री राम जी माता सीता जी को खोजते हुए पंपा सरोवर पहुँचे हैं , श्री राम जी को इस तरह दुखी देख नारद जी उनका दर्शन करना चाहते हैं । वे श्री राम जी के पास जाते हैं और उनसे एक वर माँगते हैं । वे कहते हैं कि जद्यपि भगवान के अनेक नाम हैं तथा वेद कहते हैं कि सब नाम एक से बढ़कर एक हैं । हे नाथ! श्री राम नाम सब नामों से बढ़कर हो और पाप रूपी पक्षियों के समूह के लिए यह वधिक के समान हो ।
आत्मीय जन ! हम आप यह जान व मान लें कि जीव के पापों का नाश करने के लिये श्री राम नाम सर्वोपरि है , ऐसा शास्त्र व भगवत वचन है । अतः अपने को शुद्ध करना चाहते हैं तो श्री राम नाम धारण करें और निरन्तर नाम भजन करें। अथ…..श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम संकलन तरुण जी लखनऊ
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