श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

21 अक्टूबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

रिपु रन जीति सुजस सुर गावत,
सीता सहित अनुज प्रभु आवत।
सुनत बचन बिसरे सब दूखा ।
तृषावंत जिमि पाइ पियूषा ।।
( उत्तरकांड 1/3)
राम राम जी 🙏🙏
श्री राम जी रावण को मारकर माता सीता व श्री लक्ष्मण सहित अयोध्या आ रहे हैं। श्री भरत जी को अपने आने की सूचना देने के लिए उन्होंने पहले श्री हनुमान जी को अयोध्या भेजा है । श्री हनुमान जी ब्राह्मण रूप धारण कर आते हैं और मिलकर श्री भरत जी से कहते हैं कि शत्रु को युद्ध में पराजित कर श्री राम जी माता सीता व श्री लक्ष्मण सहित आ रहे हैं, सभी देवता उनका यशगान कर रहे हैं । यह सुनते ही श्री भरत जी अपना सब दुख भूल गये जैसे प्यासे को अमृत मिल जाए तो वह अपनी प्यास भूल जाता है ।
बंधुवर ! जीवन में जब श्री राम जी आ जाते हैं तब भूख , प्यास, दुख आदि कहाँ रहते हैं, सब विस्मृत हो जाता है , तब केवल आनंद ही आनंद रहता है और यह नित्य बढ़ता रहता है, अस्तु…. श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरुण जी लखनऊ

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