श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

29 अक्टूबर-श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

एहि बिधि निज गुन दोष कहि
सबहि बहुरि सिरु नाइ ।
बरनउँ रघुबर बिसद जसु
सुनि कलि कलुष नसाइ ।।
( बालकांड, दो. 29)
राम राम जी 🙏🙏
मानस जी के आरंभ में सभी की वंदना करने और नाम भगवान की महिमा बताकर , अपने गुण अवगुणों की चर्चा करने के बाद गोस्वामी श्री तुलसीदास जी महाराज कहते हैं कि इस तरह से अपने गुण दोषों को कहकर फिर सभी को प्रणाम कर , मैं श्री रघुनाथ जी के निर्मल यश का वर्णन करता हूँ जिसके सुनने से कलियुग के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं ।
बंधुवर ! निर्मल श्री राम जी का सब कुछ निर्मल है । जो भी श्री राम यश श्रवण करेगा , कलियुग की कलुषता उससे दूर रहेगी , वह निष्पाप हो जाएगा अर्थात वह निर्मल हो जाएगा । अथ…..श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरुण जी लखनऊ

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