14 नवम्बर, श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
चले साथ अस मंत्रु दृढाई ।
सुर दुर्लभ सुख सदन बिहाई
राम चरन पंकज प्रिय जिन्हही ।
बिषय भोग बस करहिं कि तिन्हही ।।
( अयोध्याकाण्ड 83/4)
राम राम 🙏🙏
श्री राम जी सबको समझाकर वन चल पड़े हैं । सबने विचार किया कि श्री राम जी के बिना अयोध्या में हमारा कोई काम नहीं है । देवताओं को भी दुर्लभ सुखों से युक्त घरों को छोड़कर सब श्री राम जी के साथ चल पड़े हैं। जिन्हें श्री राम चरण प्रिय होता है, उन्हें विषय भोग कभी भी अपने वश में नहीं कर सकते हैं ।
आत्मीय जनों! जब श्री राम चरण प्रिय हो जाते हैं और मन चित्त, बुद्धि श्री सीताराम चरणो में दृढ़ हो जाता है, तब सांसारिक विषय भोग अप्रिय हो जाते हैं । अतः विषयों के वश से तथा सांसारिक बंधनो से मुक्ति चाहते हैं तो श्री राम चरणों में प्रेम और भक्ति दृढ़ करें । इसके लिए श्री सीताराम नाम का निरन्तर भजन करते रहें….. श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम सीताराम सीताराम जय राम राम सीताराम जय सीताराम जय सियाराम जय जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

